नासिक TCS केस: निदा खान को नहीं मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट ने कहा—गंभीर और संगठित मामला
Nashik TCS case: Nida Khan denied anticipatory bail, court says it's a serious and organised case
नासिक TCS केस में आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है और इसमें संगठित दबाव व धर्म परिवर्तन के आरोप शामिल हैं।
नासिक: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) नासिक केस में आरोपी निदा खान को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत (pre-arrest bail) याचिका खारिज कर दी है, यह कहते हुए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
इस केस में निदा खान पर सहकर्मी के साथ कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि संगठित तरीके से किए गए दबाव और प्रभाव का हिस्सा हो सकता है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया (prima facie) आरोपी की भूमिका स्पष्ट दिखाई देती है और जांच के लिए उसकी कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि मामले में पीड़िता को प्रभावित करने और “ब्रेनवॉश” करने जैसी कोशिशों के संकेत मिले हैं।
पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसमें कई FIR दर्ज की गई हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। यह मामला कार्यस्थल पर उत्पीड़न और धार्मिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है।


