मुंबई : वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को गर्म खाना देने में क्यों आ रही दिक्कत, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने की ये डिमांड
Mumbai: Why is there a problem in providing hot food to passengers on the Vande Bharat sleeper train? The Indian Railway Catering and Tourism Corporation has made this demand.
हावड़ा–कामाख्या रूट पर शुरू हुई प्रीमियम वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खाने को लेकर विवाद के बाद अब इसके डिजाइन में बदलाव पर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर ट्रेन में पैंट्री कार जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि यात्रियों को गर्म और अच्छी क्वालिटी का खाना मिल सके। इस मुद्दे पर हाल ही में मुंबई में एक हाई लेवल मीटिंग का आयोजन किया गया था। इस मीटिंग में अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान ट्रेन में कैटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रही इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने पैंट्री कार की मांग रखी है।
मुंबई : हावड़ा–कामाख्या रूट पर शुरू हुई प्रीमियम वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खाने को लेकर विवाद के बाद अब इसके डिजाइन में बदलाव पर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर ट्रेन में पैंट्री कार जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि यात्रियों को गर्म और अच्छी क्वालिटी का खाना मिल सके। इस मुद्दे पर हाल ही में मुंबई में एक हाई लेवल मीटिंग का आयोजन किया गया था। इस मीटिंग में अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान ट्रेन में कैटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रही इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने पैंट्री कार की मांग रखी है।
खाना गरम करने में सक्षम नहीं है हॉट केस
अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैंट्री कार नहीं है। 2 कोच के बीच में हॉट केस (खाना गर्म करने की मशीन) लगी हैं, जो खाने को सही तापमान तक गर्म करने में सक्षम नहीं है। इसी वजह से कई यात्रियों ने खाने के ठंडा, बासी या बदबूदार होने की शिकायत की है। दरअसल हॉट केस में नार्मल टेम्परेचर का खाना गरम करा जा सकता है, लेकिन यदि खाना फ्रोजेन है,तो उसे ज्यादा समय लगता है। लेकिन यात्रियों की आबादी को देखते हुए, ज्यादा समय देना मुमकिन नहीं है।
स्टोरेज में भी आ रही दिक्कत
सूत्रों ने बताया कि इस ट्रेन में हाई-प्रोफाइल कैटरर्स के जरिए कोल्ड चेन मील्स दी जा रही हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि हॉट केस खाना ठीक से गर्म नहीं कर पा रही है। ऊपर से हर कोच में ये सुविधा भी नहीं है। ऐसे में पैक्ड फूड खराब होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि न तो सही हीटिंग सिस्टम है और न ही स्टोरेज का पूरा इंतजाम। नतीजन यात्रियों ने कम्प्लेन करना शुरू कर दिया है। आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने कहा कि यात्री गर्म खाना चाहते हैं, जो इस व्यवस्था में संभव नहीं हो पा रहा। इसलिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैंट्री कार की जरूरत है और इसका प्रस्ताव भी दिया गया है।
मुंबई से चलने वाली ट्रेनों में मिलेगा महाराष्ट्रियन खाना
मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि भारतीय रेलवे जल्द ही मुंबई से भी निर्धारित गंतव्य के लिए वंदे भारत शुरू कर सकती है। इसी कड़ी में मुंबई से चलने वाली वंदे भारत स्लीपर के मेन्यू पर भी मंथन चालु है । मिली जानकारी के अनुसार, महारष्ट्र से चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में महाराष्ट्रीयन मेनू होगा, जिसमे मिसल पाँव, वडा पाव, थालीपीठ, आलू वडी, पिटला - भाकरी, पोहा और उपमा जैसे चीज़ शामिल हो सकती है।
कितने कोच की होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
दरअसल वंदे भारत स्लीपर 16 कोच की ओवरनाइट स्लीपर ट्रेन है। इसमें कुल 823 बर्थ हैं। इसमें 11 एसी 3-टियर कोच (611 बर्थ), 4 एसी 2-टियर कोच (188 बर्थ) और 1 फर्स्ट क्लास एसी कोच (24 बर्थ) शामिल हैं।


