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Read More... मुंबई : ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली चालू हो जाएंगे 5 नए ब्रिज, जानिए किस रूट और ट्रैफिक को मिलेगी रफ्तार
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By Online Desk
मुंबईकरों को इस वर्ष ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। लंबे समय से प्रलंबित सायन पूर्व-पश्चिम ब्रिज का निर्माण कार्य 15 जुलाई 2026 तक पूरा कर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि जुलाई के अंत तक यह पुल मुंबईकरों की सेवा में शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने सायन ब्रिज का निरीक्षण किया और इस जुलाई में मुंबईकरों के लिए शुरू कर दिए जाने की जानकारी दी। सोलन : मां-बेटे ने फर्जी डिग्री देकर कमाए ₹387 करोड़; देश छोड़कर भागे दोनों आरोपी, भगोड़ा घोषित
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By Online Desk
हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी डिग्री बांटकर आरोपियों ने 387 करोड़ रुपये कमा लिए। जब तक पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों ने इस केस को खंगालना शुरु किया, मां-बेटा दोनों, देश छोड़ चुके थे। अशोनी कंवर और मनदीप राणा, ये दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। ईडी ने इस मामले में अब तक लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। मुंबई : आवासीय इकाइयाँ दिलाने के नाम पर एक कपड़ा व्यापारी से 24 लाख रुपये की ठगी; मामला दर्ज
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By Online Desk
देवनार पुलिस ने गौतम नगर, गोवंडी निवासी 51 वर्षीय तुफैल जमादार शाह के खिलाफ गोवंडी और मानखुर्द में छह आवासीय इकाइयाँ दिलाने के नाम पर एक कपड़ा व्यापारी से 24 लाख रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया है। शाह पर धोखाधड़ी के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के जाली दस्तावेज़ तैयार करने का आरोप है। मुंबई : नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को ले जाता था थाईलैंड; अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़
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By Online Desk
मीरा रोड में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में मोटी सेलरी पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को पहले थाईलैंड ले जाता था और उसके बाद अवैध रूप से सड़क मार्ग के जरिये म्यांमार, कंबोडिया,चीन ले जाते थे. इसके बाद इन युवकों से साइबर फ्रॉड का काम कराया जाता था. जो युवक ये काम करने से मना करते थे उनकी कई दिनों तक जमकर पिटाई की जाती थी और इन्हें स्लेव गुलाम बनाकर रखा जाता था. इस गैंग के सरगना चीन में बैठकर ये रैकेट चला रहे है और इस गैंग का नाम “डिजिटल सायबर स्लेवरी” बताया जा रहा है, जो एक खूंखार ह्यूमन स्मगलिंग और साइबर फ्रॉड गैंग है. 
