मुंबई : कांग्रेस ने विभागवार प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की; प्रभारियों की सूची जारी की

Mumbai: Congress announces appointment of department-wise in-charges; releases list of in-charges

मुंबई : कांग्रेस ने विभागवार प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की; प्रभारियों की सूची जारी की

महाराष्ट्र में निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने विभागवार प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश पाटिल ने प्रभारियों की सूची जारी की। नागपुर की जिम्मेदारी पार्टी विधायक दल नेता विजय वड्डेटीवार, पश्चिम महाराष्ट्र- पूर्व राज्य मंत्री सतेज पाटिल, उत्तर महाराष्ट्र- पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात, अमरावती विभाग- पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर, मराठवाड़ा- विधायक अमित देशमुख और कोंकण विभाग का प्रभार पूर्व मंत्री नसीम खान को सौंपा गया है।

मुंबई: महाराष्ट्र में निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने विभागवार प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश पाटिल ने प्रभारियों की सूची जारी की। नागपुर की जिम्मेदारी पार्टी विधायक दल नेता विजय वड्डेटीवार, पश्चिम महाराष्ट्र- पूर्व राज्य मंत्री सतेज पाटिल, उत्तर महाराष्ट्र- पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात, अमरावती विभाग- पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर, मराठवाड़ा- विधायक अमित देशमुख और कोंकण विभाग का प्रभार पूर्व मंत्री नसीम खान को सौंपा गया है।

 

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वर्तमान में राज्य निर्वाचन आयोग ने 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुलढाणा में कहा कि राज्य में नगर पालिका और नगर पंचायतों के चुनाव के लिए अब तक 35 हजार इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की छानबीन चल रही है और 12 नवंबर को राज्य पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें उम्मीदवारों के बारे में निर्णय लिया जाएगा। मनसे प्रमुख राज ठाकरे से गठबंधन के संबंध में भी इस बैठक में चर्चा होगी।

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सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए सपकाल ने कहा कि संघ प्रमुख खुद गफलत में हैं। उनके बयान लगातार बदलते रहते हैं। वे समाज में अस्पृश्यता या स्त्री-पुरुष समानता जैसे मुद्दों पर कभी बात नहीं करते। वे केवल एक विशेष वर्ग के एकाधिकार की बात करते हैं। उन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। भागवत और संघ ने कहा था कि 75 वर्ष की उम्र के बाद सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए। लेकिन पीएम मोदी ने उनके आदेश को कूड़ेदान में डाल दिया। इसी तरह अजीत पवार को सत्ता में न लेने की सलाह भागवत ने दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी भागवत को अहमियत नहीं दी।
 

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