मुंबई: आदिवासी आबादी की गणना करने के निर्देश; आदिवासी पाड़ों और बस्तियों को सभी नागरिक सुविधाएं प्रदान करने की योजना
Mumbai: Instructions to count tribal population; Plan to provide all civic amenities to tribal hamlets and settlements

जिला नियोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बांद्रा-पूर्व स्थित चेतना कॉलेज में आयोजित की गई। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एवं मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 1,088 करोड़ रुपए के खर्च को मंजूरी दी। इस मौके पर मंत्री शेलार ने कहा कि जिला नियाेजन समिति एक महत्वपूर्ण समिति है।
मुंबई: जिला नियोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बांद्रा-पूर्व स्थित चेतना कॉलेज में आयोजित की गई। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एवं मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 1,088 करोड़ रुपए के खर्च को मंजूरी दी। इस मौके पर मंत्री शेलार ने कहा कि जिला नियाेजन समिति एक महत्वपूर्ण समिति है। यहां लोगों के हित के मुद्दे उठाए जाते हैं। इसलिए जन कल्याण के लिए सरकारी निधि खर्च करने की जिम्मेदारी कार्यकारी एजेंसियों की होती है। अत: सभी विभाग प्रमुखों को 100 प्रतिशत निधि खर्च करने का प्रयास करके उठाए गए मुद्दों को हल करने का प्रयास करना चाहिए।
मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि सभी विभागों को नियोजन समिति की बैठक में उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब देना चाहिए और इन समस्याओं के 100 प्रतिशत समाधान के लिए 100 प्रतिशत निधि का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, अनुपालन के जवाब सही और तथ्यात्मक होने चाहिए। अनुपालन की एक प्रति जल्द से जल्द सदस्यों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का तुरंत जवाब दिया जाना चाहिए।
बैठक में लिए गए गई बड़े निर्णय
मंत्री शेलार ने कहा कि सरकार ने जिले में आदिवासी आबादी की गणना करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए इस निधि को खर्च करते समय सटीक योजना बनाना संभव होगा। इस निधि से आदिवासी पाड़ों और बस्तियों को सभी नागरिक सुविधाएं प्रदान करने की योजना बनाई जानी चाहिए। पुलिस, सार्वजनिक निर्माण और नगर निगम के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता पर ध्यान देना चाहिए। इन मुद्दों को हल करने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आदिवासी विकास के लिए 100 करोड़ रुपए प्रदान करने का राजनीतिक निर्णय लिया है।
जिले में पुरानी जर्जर और खतरनाक इमारतों के पुनर्विकास के लिए निवासियों को 20,000 रुपए किराया देने का निर्णय भी लिया गया है। इसी तरह भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्रों में मास नेट लगाने का निर्णय लिया गया है। इसमें 9 मीटर से कम ऊंची दीवारों वाले क्षेत्रों में म्हाडा मास नेट लगाएगा। जबकि 9 मीटर से अधिक ऊंचे क्षेत्रों में मास नेट लगाने का काम लोक निर्माण विभाग करेगा। मंत्री शेलार ने कहा कि कलिना में फोर्स वन ट्रेनिंग सेंटर को भी मंजूरी दी जा रही है।