नई दिल्ली : मोदी, योगी को मारने की धमकी देने वाले को दो साल की जेल 

New Delhi: Two years jail for person who threatened to kill Modi, Yogi

नई दिल्ली : मोदी, योगी को मारने की धमकी देने वाले को दो साल की जेल 

मुंबई की एक अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम लेकर पीएम नरेंद्र मोदी व यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को दो साल जेल की सजा सुनाई। इस व्यक्ति ने मुंबई पुलिस को फोन पर मोदी व योगी को मारने की धमकी दी थी। अदालत ने कहा, वह किसी तरह की सहानुभूति का हकदार नहीं है।

नई दिल्ली :  मुंबई की एक अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम लेकर पीएम नरेंद्र मोदी व यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को दो साल जेल की सजा सुनाई। इस व्यक्ति ने मुंबई पुलिस को फोन पर मोदी व योगी को मारने की धमकी दी थी। अदालत ने कहा, वह किसी तरह की सहानुभूति का हकदार नहीं है।

 

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प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (एस्प्लेनेड कोर्ट) हेमंत जोशी ने 2023 के मामले में 29 मार्च को फैसला सुनाया। मजिस्ट्रेट जोशी ने बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि आरोपी कामरान खान मानसिक रूप से अस्थिर है। मजिस्ट्रेट ने कहा, आरोपी ने मानसिक स्वास्थ्य के अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया। अदालत ने खान को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 505 (2) (वर्गों के बीच दुश्मनी, घृणा या दुर्भावना पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान) और 506 (2) (आपराधिक धमकी) के तहत अपराधों का दोषी पाया। दो साल कैद की सजा के अलावा अदालत ने उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने नवंबर 2023 में मुंबई पुलिस के मुख्य नियंत्रण कक्ष में फोन किया और धमकी दी कि वह सरकारी जेजे अस्पताल को उड़ा देगा। उसने आगे कहा, मोदी की जान को खतरा है, दाऊद इब्राहिम मोदी को खत्म करने के लिए 5 करोड़ रुपये दे रहा है। साथ ही मोदी एक गुर्गा ने उसे योगी को बम से उड़ाने के लिए 1 करोड़ रुपये देने की बात की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नियंत्रण कक्ष को उस समय फोन किया जब वह मध्य मुंबई के जेजे अस्पताल में था और मरीजों की लंबी कतार के कारण डॉक्टरों द्वारा उसकी चिकित्सा जांच में देरी हो रही थी। अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि आरोपी के कारण पुलिस तंत्र परेशानी में फंस गया। इसके अलावा, शिकायत से यह भी स्पष्ट है कि आरोपी ने इस तरह के अपराध बार-बार किए हैं। अदालत ने कहा, सरकारी मशीनरी पर पड़ने वाले दबाव और इस तरह की अफवाहों के कारण खतरे में आए खास व्यक्तियों की सुरक्षा को देखते हुए, आरोपी के प्रति सहानुभूति दिखाना उचित नहीं होगा।

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