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मुंबई: मलेरिया का खतरा; घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट

मुंबई: मलेरिया का खतरा; घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट महाराष्ट्र में मलेरिया का खतरा अब डबल अटैक के रूप में सामने आ रहा है। घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं, जहां हर साल मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष २०२५ में राज्य भर में २२ हजार से ज्यादा मलेरिया के मामले दर्ज हुए और २७ लोगों की मौत हुई। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए छह जिलों में विशेष निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है, ताकि बीमारी के पैâलाव को रोका जा सके।
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मुंबई : चुनाव में जीतने वालों के पाला बदलने के बाद राजनीतिक गठबंधनों को लेकर ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों पर रोक 

मुंबई : चुनाव में जीतने वालों के पाला बदलने के बाद राजनीतिक गठबंधनों को लेकर ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों पर रोक  बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में जीतने वालों के पाला बदलने के बाद राजनीतिक गठबंधनों को लेकर ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों पर रोक लगा दिया है। अदालत ने चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) उम्मीदवारों के दो बार पाला बदलने पर टिप्पणी की। वे पहले बीजेपी-कांग्रेस के ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी(एवीए)’ में शामिल हुए थे और बाद में शिवसेना में शामिल हो गए।
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मुंबई : भाजपा ने बदलापुर यौन शोषण केस के सह-आरोपी तुषार आप्टे को ठाणे जिले का पार्षद बनाया

मुंबई : भाजपा ने बदलापुर यौन शोषण केस के सह-आरोपी तुषार आप्टे को ठाणे जिले का पार्षद बनाया एक बड़े पॉलिटिकल मुद्दे में, भाजपा ने तुषार आप्टे को, जिनका नाम सनसनीखेज बदलापुर सेक्सुअल असॉल्ट केस में प्राथमिकी में है, ठाणे ज़िले में कुलगांव-बदलापुर म्युनिसिपल काउंसिल का काउंसलर बनाया है। आप्टे उस ट्रस्ट के सेक्रेटरी थे, जो बदलापुर में उस स्कूल को चलाता था, जिसमें यह घटना हुई थी।
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मुंबई : महाराष्ट्र की 53% से ज़्यादा ज़िला परिषदों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित 50% आरक्षण की सीमा का उल्लंघन किया

मुंबई : महाराष्ट्र की 53% से ज़्यादा ज़िला परिषदों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित 50% आरक्षण की सीमा का उल्लंघन किया जिला कलेक्टरों द्वारा अंतिम रूप दिए गए आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र की 53% से ज़्यादा ज़िला परिषदों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित 50% आरक्षण की सीमा का उल्लंघन किया है। अधिकारियों ने बताया कि 22% से ज़्यादा पंचायत समितियों, यानी तालुका-स्तरीय ग्रामीण निकायों में भी आधे से ज़्यादा सीटें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित हैं।   विक्रमगढ़ तालुका में लोकसभा उपचुनाव के दौरान मतदान केंद्र की ओर जाते मतदाता।सीमा के उल्लंघन को अदालत में चुनौती दिए जाने की उम्मीद है। बॉम्बे उच्च न्यायालय पहले से ही चक्रीय आरक्षण, वार्ड गठन और अन्य चुनाव-पूर्व मामलों से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिन पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में लगभग 50% मतदाता ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भाग लेते हैं।
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