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Read More... मुंबई: मीडिया संगठनों ने युएनआई दफ्तर को सील किए जाने की कड़ी आलोचना की
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By Online Desk
बीते सप्ताह जारी किए गए सख्त बयानों में, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स , एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और मुंबई प्रेस क्लब ने उस कार्यकारी मनमानी की कड़ी निंदा की है, जिसके तहत दिल्ली पुलिस को 20 मार्च, 2026 को युएनआई के कर्मचारियों को बलपूर्वक बाहर निकालने का आदेश दिया गया था। मुंबई : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खोपोली में मंगेश कालोखे की नृशंस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे मानवता पर धब्बा बताया
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने खोपोली में सामाजिक कार्यकर्ता मंगेश कालोखे (45) की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे मानवता पर धब्बा बताया है। शनिवार को खोपोली पहुंचे शिंदे ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें त्वरित और सबसे सख्त न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। मंगेश कालोखे, पूर्व नगरसेवक थे और हाल ही में वार्ड नंबर-3 से चुनी गई शिवसेना पार्षद मानसी कालोखे के पति थे। उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के विधानसभा में दिए गए बयान की शिक्षाविदों, रिसर्च गाइड और PhD स्कॉलर्स ने कड़ी आलोचना की
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By Online Desk
BARTI, SARTHI, MAHAJYOTI, TRTI और AMRUT जैसे सरकारी संस्थानों से मिलने वाली फेलोशिप को लेकर PhD स्कॉलर्स के बीच बढ़ते असंतोष के बीच, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के विधानसभा में दिए गए बयान कि "एक ही परिवार के पांच से छह सदस्य सिर्फ इसलिए PhD कर रहे हैं क्योंकि उन्हें हर महीने ₹42,000 की फेलोशिप मिलती है", की पूरे राज्य के शिक्षाविदों, रिसर्च गाइड और PhD स्कॉलर्स ने कड़ी आलोचना की है। शिक्षाविदों ने इस टिप्पणी को 'गैर-जिम्मेदाराना' और 'अज्ञानतापूर्ण' बताया है, यह तर्क देते हुए कि यह फेलोशिप भुगतान में लगातार देरी, स्पष्ट नीति की कमी और प्रभावी निगरानी तंत्र की अनुपस्थिति जैसे असली संकट से ध्यान भटकाता है। दिल्ली : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में हुई मीटिंग में विपक्ष के नेताओं को न बुलाए जाने पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति
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भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में हुई मीटिंग में विपक्ष के नेताओं को न बुलाए जाने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने कहा है कि रूस के साथ रिश्तों की नींव कांग्रेस के समय में ही रखी गई थी। कांग्रेस के नेताओं को न बुलाना कॉर्नस्टट्यूशनल और डेमोक्रेटिक परंपराओं का उल्लंघन है। तिवारी ने कहा कि पिछले 65 वर्षों में जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी तो पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी के नियमों और परंपराओं को मानते हुए नेता प्रतिपक्ष को हमेशा प्रोटोकॉल के हिसाब से प्रेसिडेंट की तरफ से। वेलकम सेरेमनी में बुलाया जाता था। 
