मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका का सैलून पर एक्शन, बरगद के पेड़ को रंगने पर पुलिस से कार्रवाई की मांग
Mumbai: Brihanmumbai Municipal Corporation takes action against salon, demands police action for painting banyan tree
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के गार्डन विभाग ने बांद्रा पुलिस से एक सैलून के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब आरोप लगा कि सैलून ने अपनी दुकान के बाहर स्थित एक जीवित बरगद के पेड़ को रंग दिया था। इस घटना के बाद सिविक बॉडी ने सैलून को नोटिस जारी कर दिया है और उससे जवाब तलब किया गया है। मामला मुंबई के पाली नाका क्षेत्र में स्थित “टिप एंड टो लक्स सैलून” से जुड़ा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अनुसार, सैलून पर आरोप है कि उसने पेड़ के तने और ऊपर की जड़ों को सजावटी उद्देश्य से गुलाबी और हरे रंग से पेंट कराया। इस काम के लिए कर्मचारियों को भी लगाया गया था।
मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका के गार्डन विभाग ने बांद्रा पुलिस से एक सैलून के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब आरोप लगा कि सैलून ने अपनी दुकान के बाहर स्थित एक जीवित बरगद के पेड़ को रंग दिया था। इस घटना के बाद सिविक बॉडी ने सैलून को नोटिस जारी कर दिया है और उससे जवाब तलब किया गया है। मामला मुंबई के पाली नाका क्षेत्र में स्थित “टिप एंड टो लक्स सैलून” से जुड़ा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अनुसार, सैलून पर आरोप है कि उसने पेड़ के तने और ऊपर की जड़ों को सजावटी उद्देश्य से गुलाबी और हरे रंग से पेंट कराया। इस काम के लिए कर्मचारियों को भी लगाया गया था।
सिविक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के केमिकल या सिंथेटिक पेंट का इस्तेमाल पेड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। इससे पेड़ की प्राकृतिक श्वसन प्रक्रिया प्रभावित होती है, क्योंकि पेंट लेंटिकेल को ब्लॉक कर देता है और पेड़ पर शारीरिक तनाव पैदा करता है, जिससे उसकी सेहत और जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने जारी नोटिस में सैलून को निर्देश दिया है कि वह वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीकों से पेड़ पर किया गया पेंट पूरी तरह हटाए और इस प्रक्रिया की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट भी जमा करे। इसके साथ ही, बांद्रा पुलिस से इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की भी सिफारिश की गई है।
नगर निकाय ने अपने पत्र में कहा है कि सैलून ने महाराष्ट्र (अर्बन एरियाज) ट्री प्रोटेक्शन एंड प्रिजर्वेशन एक्ट, 1975 की धारा 8 और 21 का उल्लंघन किया है। इस कानून के तहत किसी भी पेड़ को नुकसान पहुंचाना “कटाई” की श्रेणी में आता है, जिसके लिए एक साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों का भी हवाला दिया है, जिनमें पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, सैलून प्रबंधन ने अपनी सफाई में कहा है कि पेड़ पर केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया था और उनका इरादा किसी तरह का नुकसान पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल पेंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पेड़ों के संरक्षण और शहरी क्षेत्रों में हरियाली की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


