मुंबई : डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकारडॉक्टर को 11 दिनों में ₹12 करोड़ का नुकसान
Mumbai: Doctor falls prey to cyber fraudsters; doctor loses ₹12 crore in 11 days
महाराष्ट्र के पुणे के एक 75 साल के डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकार होकर करीब 12 करोड़ रुपये गंवा बैठे। उनसे यह कहकर ठगी की गई कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो 11 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। डॉक्टर को यकीन था कि अगर वे 11 दिन तक स्टॉक में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें करीब 54 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा। कम समय में ज्यादा प्रॉफिट मिलने का भरोसा करके डॉक्टर ने कुछ हफ्तों तक साइबर क्रिमिनल्स को पैसे ट्रांसफर किए।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। पीड़ित डॉक्टर को सबसे पहले एक अनजान नंबर से मैसेज आया।
मुंबई : महाराष्ट्र के पुणे के एक 75 साल के डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकार होकर करीब 12 करोड़ रुपये गंवा बैठे। उनसे यह कहकर ठगी की गई कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो 11 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। डॉक्टर को यकीन था कि अगर वे 11 दिन तक स्टॉक में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें करीब 54 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा। कम समय में ज्यादा प्रॉफिट मिलने का भरोसा करके डॉक्टर ने कुछ हफ्तों तक साइबर क्रिमिनल्स को पैसे ट्रांसफर किए।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। पीड़ित डॉक्टर को सबसे पहले एक अनजान नंबर से मैसेज आया।
मैसेज में कहा गया था कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें भारी प्रॉफिट होगा। पैसे की उम्मीद कर रहे डॉक्टर ने साइबर क्रिमिनल्स में दिलचस्पी दिखाई। साइबर क्रिमिनल्स ने वीआईपी स्टॉक 24 नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बुजुर्ग डॉक्टर को लालच दिया। आरोपियों ने उस व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक इन्वेस्टमेंट प्लान शेयर किया। प्लान आकर्षक होने के कारण डॉक्टर ने अपने पैसे ट्रांसफर कर दिए। साइबर क्रिमिनल्स ने डॉक्टर को बार-बार यकीन दिलाया कि अगर वह उनके इंस्ट्रक्शन्स को सही तरीके से फॉलो करेंगे, तो सिर्फ 11 दिनों में रिटर्न आ जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने एक फेक ट्रेडिंग ऐप का इस्तेमाल किया था। ऐप को एक नामी कंपनी का बताया गया था। सबसे पहले, साइबर क्रिमिनल्स ने पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल्स इकट्ठा कीं। फिर उन्होंने कई बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। डॉक्टर द्वारा भेजे गए पैसे को फेक ऐप में इन्वेस्टमेंट के तौर पर दिखाया गया। ऐप ने भारी प्रॉफिट भी दिखाया। 7 से 18 मार्च के बीच, पीड़ित ने 8 अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर किए। माना जा रहा है कि डॉक्टर ने करीब 12.31 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
हालांकि, जब डॉक्टर ने पैसे इन्वेस्ट करने से मना कर दिया, तो साइबर क्रिमिनल्स ने उन पर दबाव डाला। आरोपियों ने प्रॉपर्टी जब्त करने की धमकी दी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने डॉक्टर को पैसे ट्रांसफर करने के लिए डराया। पीड़ित ने करीब तीन महीने तक पैसे ट्रांसफर किए। हालांकि, पुलिस ने कहा कि जब पैसे वापस नहीं आए तो डॉक्टर को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद, उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।


