मुंबई : आईएएस एम देवेंद्र सिंह सस्पेंड, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव पद थे तैनात, क्यों हुई कार्रवाई?
Mumbai: IAS M Devendra Singh suspended, was posted as Secretary of Maharashtra Pollution Control Board, why was action taken?
विधानसभा के तालिका अध्यक्ष दिलीप लांडे ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम.देवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। वे महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण महामंडल के सचिव पद तैनात थे। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। मंत्री के निर्देश के बाद भी आईएएस अधिकारी एम. देवेंद्र सिंह ब्रीफिंग के लिए नहीं आए।
मुंबई : विधानसभा के तालिका अध्यक्ष दिलीप लांडे ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम.देवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। वे महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण महामंडल के सचिव पद तैनात थे। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। मंत्री के निर्देश के बाद भी आईएएस अधिकारी एम. देवेंद्र सिंह ब्रीफिंग के लिए नहीं आए। इसे लेकर विधानसभा के तालिका अध्यक्ष दिलीप लांडे ने निलंबन के आदेश जारी किए, जिसके आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने कार्रवाई की।
कौन हैं आईएएस देवेंद्र सिंह
एम. देवेंद्र सिंह वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित थी, जिसके तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई अतिरिक्त सचिव वी. राधा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के माध्यम से की गई। यह कार्रवाई यूपीएससी ( अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के नियम 3 के उपनियम (1) के खंड (क) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने यह निलंबन आदेश जारी किया है।
निलंबन के दौरान क्या होगा?
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय मुंबई ही रहेगा और वे कोकण विभाग, मुंबई के विभागीय आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। साथ ही, निलंबन अवधि में वे कोई निजी नौकरी या व्यापार/व्यवसाय नहीं कर सकेंगे। एम देवेंद्र सिंह को निलंबन अवधि में उन्हें निर्वाह भत्ता, महंगाई भत्ता तथा अन्य अनुमन्य भत्ते दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि वे किसी अन्य नौकरी, व्यवसाय या पेशे में संलग्न नहीं हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उपरोक्त शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो इसे कदाचार माना जाएगा और आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए- मुनगंटीवार
इस मसले पर पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी द्वारा मंत्री को ब्रीफिंग देने से इनकार करना संविधान का अपमान है। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष द्वारा निलंबन के आदेश दिए जाने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की गई। मुनगंटीवार ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कुछ अधिकारियों पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया जाना चाहिए।


