मुंबई: 13 वर्षीय छात्रा को अश्लील वीडियो दिखाकर दबाव बनाने वाला 47 वर्षीय शख्स गिरफ्तार
Mumbai: 47-year-old man arrested for pressuring 13-year-old student by showing her pornographic videos
मालाड इलाके में एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है. एक 47 वर्षीय शख्स पिछले कई दिनों से छात्रा का पीछा कर रहा था और उसने मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाकर छात्रा से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया. हालांकि, मालाड पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.
मुंबई : मालाड इलाके में एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है. एक 47 वर्षीय शख्स पिछले कई दिनों से छात्रा का पीछा कर रहा था और उसने मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाकर छात्रा से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया. हालांकि, मालाड पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.
घटना 20 जनवरी से 22 जनवरी 2026 के बीच की है. मालाड के लिबर्टी गार्डन परिसर में जब 13 वर्षीय छात्रा दोपहर के वक्त ट्यूशन से घर लौट रही थी, तब आरोपी उसका पीछा करता था. हद तो तब हो गई जब आरोपी ने छात्रा का हाथ पकड़कर उसे मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उससे शारीरिक सुख की मांग की. डरी-सहमी छात्रा ने जब यह बात अपने परिजनों को बताई, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.
CCTV की मदद से बिछाया जाल
शिकायत मिलते ही मालाड वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर दुष्यंत चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस के 'गुन्हे प्रकटीकरण पथक' ने घटनास्थल से लेकर आरोपी के भागने के मार्ग तक लगभग 40 से 50 सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की. तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने दो दिनों तक जाल बिछाया और आखिरकार आरोपी को उसके घर से धर दबोचा.
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी का नाम सुनील शंकर पवार (47) है, जो कांदिवली (पश्चिम) के एकता नगर स्थित म्हाडा कॉम्प्लेक्स का रहने वाला है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75, 78, 79 और पोक्सो एक्ट की धारा 10 व 12 के तहत मामला दर्ज किया है. इस पूरी कार्रवाई को जांच अधिकारी पीएसआई निलोबा जक्कालवड और उनकी टीम ने अंजाम दिया.
पुलिस अधिकारी का बयान
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चौहान ने कहा, "हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया. आरोपी आदतन अपराधी की तरह व्यवहार कर रहा था, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है." यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी की जरूरत को रेखांकित करता है.


