मुंबई : अंधेरी वेस्ट इलाके में वीरा देसाई रोड पर स्थित 23 मंजिला इमारत में आग
Mumbai: Fire breaks out in a 23-storey building located on Veera Desai Road in Andheri West area.
जिस समय कुछ लोग क्रिसमस की छुट्टी का लुफ्त उठा रहे थे और कई अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, उसी समय मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में वीरा देसाई रोड पर स्थित 23 मंजिला इमारत में आग लग गई। आग पर काबू पाना इतना आसान नहीं था। उठते धुएं और लपटों ने पूरी बिल्डिंग में हड़कंप मचा दिया। देखते-देखते पूरी बिल्डिंग आग की चपेट में आ गई। इस घटना में 'मैरी कॉम' और 'सरबजीत' जैसी सुपरहिट फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर का घर भी जल गया। दमकल विभाग ने समय रहते मोर्चा संभाला और एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी आग में किसी की जान नहीं गई, इमारत में से कुल 40 लोगों को बचा लिया गया।
मुंबई : जिस समय कुछ लोग क्रिसमस की छुट्टी का लुफ्त उठा रहे थे और कई अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, उसी समय मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में वीरा देसाई रोड पर स्थित 23 मंजिला इमारत में आग लग गई। आग पर काबू पाना इतना आसान नहीं था। उठते धुएं और लपटों ने पूरी बिल्डिंग में हड़कंप मचा दिया। देखते-देखते पूरी बिल्डिंग आग की चपेट में आ गई। इस घटना में 'मैरी कॉम' और 'सरबजीत' जैसी सुपरहिट फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर का घर भी जल गया। दमकल विभाग ने समय रहते मोर्चा संभाला और एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी आग में किसी की जान नहीं गई, इमारत में से कुल 40 लोगों को बचा लिया गया।
जिस बिल्डिंग में आग लगी उसके 14वें फ्लोर पर बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर और डायरेक्टर संदीप सिंह का भी घर था जो इस आग की चपेट में आ गया और पूरा जल गया। संदीप सिंह के लिए यह वक्त और भी मुश्किल था क्योंकि वह हाल ही में हर्निया के ऑपरेशन के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटे थे। जैसे ही ये खबर आई हर कोई हैरान रह गया। फैंस डायरेक्टर को लेकर चिंतित हो उठे, लेकिन अब राहत की बात ये है कि डायरेक्टर को अंकिता लोखंडे और विक्की जैन रेस्क्यू कर अपने घर ले आए उनकी सेफ्टी सुनिश्चित की। हालांकि, अब स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है और फिल्ममेकर इस सेलिब्रिटी कपल के घर सुरक्षित हैं। इस घटना में संदीप सिंह की सलामती की खबर पाकर उनके रिश्तेदार और फैंस भी खुश हो गए हैं।
बता दें, नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की जानकारी सुबह करीब 10 बजे मिली थी। आग इतनी तेजी से फैली कि चंद मिनटों में ही बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा काले धुएं की चपेट में आ गया था। धुआं इतना घना था कि ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग नीचे उतरने का रास्ता नहीं ढूंढ पा रहे थे और वहीं फंस गए थे। अपनी जान बचाने के लिए लोग बालकनी और खिड़कियों की तरफ भागे थे। ऐसे में आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 4 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बिल्डिंग के 16वें फ्लोर पर बने 'रिफ्यूज एरिया' (आपातकालीन सुरक्षित स्थान) में करीब 30 से 40 लोग जमा थे, जिन्हें सीढ़ियों के जरिए सुरक्षित नीचे उतारा गया। आग लगने का कारण अब सामने आ रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि आग बिल्डिंग के इलेक्ट्रिकल शाफ्ट की वायरिंग से शुरू हुई थी। शॉर्ट सर्किट की वजह से आग ने 10वें फ्लोर से लेकर 21वें फ्लोर तक की वायरिंग को अपनी चपेट में ले लिया था जिस वजह से ये हादसा हो गया।


