नई दिल्‍ली :  बीमा एजेंट के कमीशन में होगी कटौती, ग्राहकों को फायदा देने के लिए कंपनियां करेंगी बड़ा बदलाव, कमाई में कितनी गिरावट?

New Delhi: Insurance agent commissions will be cut, companies will make major changes to benefit customers, how much will earnings fall?

नई दिल्‍ली :  बीमा एजेंट के कमीशन में होगी कटौती, ग्राहकों को फायदा देने के लिए कंपनियां करेंगी बड़ा बदलाव, कमाई में कितनी गिरावट?

जीएसटी परिषद ने बीमा प्रोडक्‍ट पर लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी को पूरी तरह खत्‍म कर दिया है. इसके बाद से यह चर्चा शुरू हो गई है कि बीमा कंपनियां ग्राहकों को इसका कितना फायदा देंगी. कंपनियां अगर पॉलिसी पर पूरे 18 फीसदी का लाभ देती हैं तो उनका खर्चा बढ़ जाएगा, क्‍योंकि जिस प्रोडक्‍ट पर शून्‍य जीएसटी लगता है, उस पर इनपुट टैक्‍स क्रेडिट यानी आईटीसी का लाभ नहीं दिया जाता है. अब कंपनियों ने इन सभी मुश्किलों का हल निकाल लिया है. अपने खर्चे को कम करने के लिए बीमा कंपनियों ने मार्जिन घटाने की बात कही है.

नई दिल्‍ली : जीएसटी परिषद ने बीमा प्रोडक्‍ट पर लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी को पूरी तरह खत्‍म कर दिया है. इसके बाद से यह चर्चा शुरू हो गई है कि बीमा कंपनियां ग्राहकों को इसका कितना फायदा देंगी. कंपनियां अगर पॉलिसी पर पूरे 18 फीसदी का लाभ देती हैं तो उनका खर्चा बढ़ जाएगा, क्‍योंकि जिस प्रोडक्‍ट पर शून्‍य जीएसटी लगता है, उस पर इनपुट टैक्‍स क्रेडिट यानी आईटीसी का लाभ नहीं दिया जाता है. अब कंपनियों ने इन सभी मुश्किलों का हल निकाल लिया है. अपने खर्चे को कम करने के लिए बीमा कंपनियों ने मार्जिन घटाने की बात कही है.

 

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जीएसटी परिषद ने जब बीमा प्रोडक्‍ट पर 18 फीसदी जीएसटी खत्‍म किया तो कंपनियों ने भी इसका पूरा फायदा ग्राहकों को दिया और प्रोडक्‍ट की कीमतों पर जीएसटी को हटा दिया. लेकिन, मुश्किल ये थी कि अब कंपनियां इस पर इनपुट टैक्‍स क्रेडिट क्‍लेम नहीं कर सकती थीं. उनकी शिकायत थी कि इससे कंपनियों पर आने वाले अतिरिक्‍त खर्च के बोझ को कैसे कम किया जाए. अगर ग्राहकों को जीएसटी का फायदा दिया जाता है तो कंपनियों को अतिरिक्‍त खर्चा खुद वहन करना पडे़गा.  

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कंपनियों ने निकाला सॉलिड तोड़
हेल्‍थ और जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियों ने इस समस्‍या का समाधान मार्जिन के रूप में निकाला. कंपनियों ने अपने प्रोडक्‍ट पर दिए जाने वाले मार्जिन को घटा दिया. कंपनियों ने कहा है कि बीमा एजेंट, एग्रीगेटर और बैंकों का कमीशन कम कर दिया जाएगा. उनका कहना है कि जीएसटी घटने के बाद अपने खर्चे को कम करने के लिए कमीशन घटाना जरूरी हो गया है. इसका असर बीमा पॉलिसी एजेंट के साथ इसे बेचने वाले बैंकों और ऑनलाइन एग्रीगेटर पर पड़ेगा. 

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कितना कम हो जाएगा कमीशन
बीमा कंपनियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अपने खर्चे को घटाने के लिए कंपनियां मार्जिन यानी कमीशन में 5 से 8 फीसदी की कटौती कर सकती हैं. इसका मतलब है कि बीमा एजेंट को मिलने वाले कुल कमीशन में करीब 8 फीसदी की कमी आ सकती है. इसका असर पॉलिसी बाजार डॉट कॉम जैसे एग्रीगेटर पर भी पड़ेगा. इसके अलावा एसबीआई, एचडीएफसी और बैंकों को बीमा कंपनियों की तरफ से मिलने वाले कमीशन पर भी इसका असर पड़ेगा.  

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क्‍यों घटाना पड़ा है कमीशन
बीमा कंपनियों का कहना है कि उनके प्रोडक्‍ट के पीछे कई तरह के अन्‍य चार्जेज भी जुड़े होते हैं. उन्‍हें तमाम वेंडर को इन प्रोडक्‍ट के लिए शुल्‍क चुकाना पड़ता है. जब 18 फीसदी जीएसटी लगता था तो इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट क्‍लेम किया जाता था, जिससे उनके खर्चे की भरपाई हो जाती थी. लेकिन, अब जीएसटी शून्‍य किए जाने के बाद इस पर आईटीसी क्‍लेम करना बंद हो गया है. लिहाजा अब नुकसान की भरपाई करने के लिए कमीशन घटाना पड़ रहा है.