मुंबई : एक्सप्रेसवे की टोल और लम्बाई ट्रेन यात्रा के खर्चे से भी ज्यादा

Mumbai: The toll and length of the expressway is more than the cost of a train journey

मुंबई : एक्सप्रेसवे की टोल और लम्बाई ट्रेन यात्रा के खर्चे से भी ज्यादा

भारत में रोड ट्रिप का चलना काफी ज्यादा बढ़ रहा है और जब से देश में एक से बढ़िया एक एक्सप्रेसवे बनते जा रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों में उन रास्तों से घूमने का अपना ही क्रेज शुरू हो गया है। लेकिन घूमने का आनंद तो तब आए ना जब रास्ता सस्ता हो, महंगाई के जमाने में महंगा घूमना-फिरना होगा तो इंसान ऐसे में क्या करेगा। हालांकि इन जगहों पर यात्रा अच्छी रहती है गाड़ियां एकदम स्मूद चलती हैं। लेकिन खर्चा तो खर्चा है। हम बात कर रहे हैं एक्सप्रेसवे की जिनका टोल और लम्बाई इतनी ज्यादा है कि इसपर यात्रा करना ट्रेन के खर्चे से भी ज्यादा हो गया है। बता दें, ये एक्सप्रेसवे 6 महीने के लिए बंद है।  

मुंबई : भारत में रोड ट्रिप का चलना काफी ज्यादा बढ़ रहा है और जब से देश में एक से बढ़िया एक एक्सप्रेसवे बनते जा रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों में उन रास्तों से घूमने का अपना ही क्रेज शुरू हो गया है। लेकिन घूमने का आनंद तो तब आए ना जब रास्ता सस्ता हो, महंगाई के जमाने में महंगा घूमना-फिरना होगा तो इंसान ऐसे में क्या करेगा। हालांकि इन जगहों पर यात्रा अच्छी रहती है गाड़ियां एकदम स्मूद चलती हैं। लेकिन खर्चा तो खर्चा है। हम बात कर रहे हैं एक्सप्रेसवे की जिनका टोल और लम्बाई इतनी ज्यादा है कि इसपर यात्रा करना ट्रेन के खर्चे से भी ज्यादा हो गया है। बता दें, ये एक्सप्रेसवे 6 महीने के लिए बंद है।  

 

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भारत का मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे साल 2002 में बनकर तैयार किया गया था। पहले 1999 में इसका एक सेक्शन लोगों के लिए खोल दिया गया था, लेकिन इसके बाद साल 2002 में ये पूरी तरह से लोगों के लिए खोल दिया गया। इसलिए इस एक्सप्रेसवे को भारत के सबसे पुराने एक्सप्रेसवे में से एक माना जाता है। ये 6 लेन एक्सप्रेसवे है, जिसकी वजह से यहां आपको ट्रैफिक नहीं मिलता। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड ज्यादा रहती है, इसलिए लोग इनके बनने पर खुश हो जाते हैं।

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एक्सप्रेसवे की लंबाई करीबन 94.5 किमी है, इस एक्सप्रेसवे को पीएम अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बनवाया था, इसलिए इसका टोल प्राइस भी काफी ज्यादा है। इस एक्सप्रेसवे पर प्रति किमी का टोल करीबन 3.40 रुपए है। इस हिसाब से अगर आप अपनी कार से कहीं जा रहे हैं, तो आपको एक तरफ के लिए करीबन 336 रुपए का टोल देना होता है। बसों और टेम्पो में सफर करने वालों के 495 रुपए लगते हैं, वहीं बस चलने वालों के लिए 940 रुपए तक देने पड़ते हैं। ट्रक वालों के लिए एक्सप्रेसवे पर चलने की कीमत और भी अधिक है। तीन एक्सेल वाले ट्रक के लिए 1,630 रुपए है, वहीं मल्टी एक्सल और मशीनरी के लिए 2,165 रुपए है। ये एक्सप्रेसवे पुणे के किवाले के पास खत्म होता है और इसकी शुरुआत नवी मुंबई के कलंबोली इलाके से होती है।

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बता दें, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 11 फरवरी से बंद हो चुका है। ये एक्सप्रेसवे पनवेल रूट पर 6 महीने के लिए बंद है। इसकी वजह कलमबोली सर्कल पर हो रहा निर्माण है। हालांकि वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद रहेंगे। रास्ते के बंद होने से पनवेल, मुंब्रा, और जेएनपीटी की ओर जाने वाले हल्के और भारी वाहन प्राभवित होंगे। ये प्रतिबंध 24 घंटे तक लागू रहेगा ताकि सुगम रूप से निर्माण कार्य हो सके और जाम कम लगे।

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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से पनवेल, गोवा और जेएनपीटी जाने वाले वाहन एनएच-48 पर कोलपाठा में डायवर्ट हैं। पुणे से मुंबई जाने वाले और तलोजा, कल्याण और शिलाफाटा जाने वाले यात्री पनवेल-सायन हाईवे पर 1.2 किलोमीटर सीधा जा सकते हैं। फिर पुरुषार्थ पेट्रोल पंप फ्लाइओवर पर सीधा जाते हुए रोडपाली और एनएच-48 के रास्ते आगे आप रुट फॉलो कर सकते हैं।

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