सरकार लेने वाली है बड़ा फैसला... महाराष्ट्र में बार, रेस्टोरेंट में बैठकर शराब पीना होगा सस्ता!

Government is going to take a big decision... Drinking alcohol in bars and restaurants will be cheaper in Maharashtra!

सरकार लेने वाली है बड़ा फैसला... महाराष्ट्र में बार, रेस्टोरेंट में बैठकर शराब पीना होगा सस्ता!

प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि वैट बढ़ने से न केवल होटल और बार मालिकों को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार का राजस्व भी घटने की आशंका है। इस पर शंभूराज देसाई ने अगले कुछ दिनों में वित्त मंत्रालय के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया। साथ ही उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन करीर को भी इस मुद्दे को देखने का निर्देश दिया।

महाराष्ट्र : बार, रेस्टोरेंट और क्लब जैसी जगहों पर बैठकर जाम छलकाने का शौक रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। आगामी दिनों में यहां शराब पीना सस्ता हो सकता है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से राज्यभर में बार और रेस्टोरेंट में परोसी जाने वाली शराब पर वैट (मूल्य वर्धित कर) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को वापस लेने का आग्रह किया है।

राज्य सरकार वैट घटाने की मांग पर विचार करने के लिए राजी हो गयी है। मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के उत्पाद शुल्क मंत्री शंभूराज देसाई ने गुरुवार को होटल व्यवसायियों के संगठन 'आहार' को आश्वासन दिया कि शराब पर पांच प्रतिशत वैट वृद्धि को लेकर संबंधित मंत्रालय के साथ बैठक की जायेगी. इस संबंध में 'आहार' के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री शंभूराज देसाई से मुलाकात की।

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रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 18 हजार बार हैं, जिनसे पांच लाख लोगों को रोजगार मिला हैं। राज्य की 33 करोड़ लीटर की वार्षिक बीयर बिक्री में बार की हिस्सेदारी आधी है। जबकि 28 करोड़ लीटर भारतीय शराब की वार्षिक बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी बार की है। इसीलिए 1 नवंबर से शराब पर पांच फीसदी वैट बढ़ाने के फैसले से पूरी इंडस्ट्री प्रभावित हुई है।

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प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि वैट बढ़ने से न केवल होटल और बार मालिकों को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार का राजस्व भी घटने की आशंका है। इस पर शंभूराज देसाई ने अगले कुछ दिनों में वित्त मंत्रालय के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया। साथ ही उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन करीर को भी इस मुद्दे को देखने का निर्देश दिया।

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