प्रॉपर्टी टैक्स का 3 हजार करोड़ रुपया बकाया , इस साल 7 हजार करोड़ कमाई का लक्ष्य, अब तक हुई है 362 करोड़ की कमाई
Rokthok Lekhani
मुंबई । मनपा की कमाई का मुख्य स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स रह गया है। इसके पहले चुंगी से सबसे अधिक कमाई होती थी लेकिन चुंगी बंद होकर जीएसटी से मनपा को राज्य सरकार से अनुदान मिल रहा है। लेकिन मनपा की खुद कमाई का स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स रह गया है।मनपा का 3 हजार करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया बना हुआ है।बकाए दरों की 5 हजार संपत्तियां मनपा ने जप्त कर रखी है। एक महीने के भीतर बकाए दार पैसा नही भरे तो मनपा जप्त की हुई संपत्ति को नीलाम करेगी ।
मनपा सह आयुक्त सुनील धामने ने बताया की वर्ष 2022 2023 में मनपा ने प्रॉपर्टी टैक्स से 7 हजार करोड़ कमाई होने का अनुमान लगाया है।मनपा को अब तक 362 करोड़ की कमाई हो चुकी है। जबकि पिछले साल मनपा को 320 करोड़ की ही कमाई हुई थी।मनपा 2022 के प्रॉपर्टी टैक्स का बिल नही भेजा है । इसके बावजूद मनपा को 362 करोड़ की कमाई हो चुकी है। मनपा अगस्त महीने तक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेजने की तैयारी कर रही है।
– जब्त संपत्तियों की नीलामी एक माह के भीतर शुरू की जाएगी । प्रशासन ने कहा कि यदि नीलामी शुरू होने से पहले 25 प्रतिशत बकाया का भुगतान किया और बकाया राशि का ‘पोस्ट डेटेड’ चेक दिया तो नीलामी से बचा जा सकता है ।
– जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी सीधे नीलाम नहीं किया जायेगा। नीलामी संबंधी विज्ञापन देकर और मनपा की वेबसाइट और अख़बार में नोटिस प्रकाशित की जाएगी । बकाया पर अंतिम नोटिस भी दी जाएगी ।
– इस साल संपत्ति कर से मनपा को 5 हजार 792 करोड़ 22 लाख रुपए की रिकॉर्ड कमाई हुई है।यह कमाई पिछले साल की तुलना में 700 करोड़ अधिक थी। जबकि 31 मार्च, 2021 में 5,091 करोड़ रुपये हुई थी । जबकि 31 मार्च, 2020 तक मात्र 4,161 करोड़ रुपये हुई थी ।
मनपा अब तक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेज देती। 5 साल बाद बढ़ने वाला टैक्स 2020 में बढ़ जाना चहिए था। लेकिन कोरोना के चलते राज्य सरकार ने निर्णय नहीं लिया। मनपा अब 2022 में नए रेडी रेकनर की दर से बिल भेजने की तैयारी कर रही थी जिससे प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो जाती।अब राज्य में नई सरकार आने के बाद नया रेडी रेकनर इस साल नही लगाकर अगले साल लगाने की संभावना है।इस साल मनपा का चुनाव होने के कारण राज्य सरकार इस साल प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ाना चाह रही है ।


