मुंबई : नदियों और नालों की सफाई में सख्त निगरानी के निर्देश
Mumbai: Instructions for strict monitoring of cleaning of rivers and drains
नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा।
मुंबई : नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्री-मानसून तैयारियों के तहत चल रहे गाद निकालने के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर तैरते हुए ठोस कचरे, जैसे प्लास्टिक, को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जालीदार बैरियर लगाना जरूरी कर दिया गया है। यदि यह व्यवस्था लागू नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई में मानसून से पहले नदियों और बड़े-छोटे नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में अभिजीत बांगर ने पश्चिमी उपनगरों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोरेगांव (ईस्ट) स्थित वलभट नदी, गोरेगांव (वेस्ट) मेट्रो स्टेशन के पास ओशिवारा नदी, गजधरबंध पंपिंग स्टेशन के पास SNDT नाला और सांताक्रूज़ (वेस्ट) के नॉर्थ एवेन्यू नाले का ऑन-साइट दौरा किया। गोरेगांव (ईस्ट) में निरीक्षण के दौरान उन्होंने वलभट नदी के गाद निकालने के कार्य की समीक्षा की, जो संजय गांधी नेशनल पार्क से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों से होकर बहती है और आगे बिंबिसार नाले में मिलती है। उन्होंने निर्देश दिए कि निकाली गई गाद को तय समय में हटाया जाए और उसे दोबारा नदी में जाने से रोका जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारी मशीनरी लगाने के लिए रैंप स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और वार्ड इंजीनियरों की देखरेख में बनाए जाएं, और संबंधित इंजीनियरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि रैंप वाली जगहों पर काम का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने। नगर प्रशासन ने साफ किया है कि मानसून से पहले सभी प्रमुख नदियों और नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।


