मुंबई बन रहा मिनी जामताड़ा! 2 साल में 1800 करोड़ से ज्यादा की ठगी, महज 10% रकम बरामद
Mumbai is becoming a mini Jamtara! Over 1800 crore rupees defrauded in two years, only 10% recovered.
साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.
मुंबई : साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.
करोड़ों रुपये गंवाने के बाद, 10 प्रतिशत राशि ही बरामद
आंकड़ों के अनुसार, इन अपराधों में सैकड़ों करोड़ रुपये गंवाने के बाद, पुलिस औसतन केवल 10 प्रतिशत राशि ही बरामद करने में सफल हो पाती है. साल 2024 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में भारी-भरकम ₹846.71 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹82.50 करोड़ रुपये ही बरामद किए जा सके हैं.
साल 2025 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹1,031.45 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹110.77 करोड़ रुपये ही बरामद हुए. इस साल भी अब तक यानी फरवरी महीने तक मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹172.27 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं, जबकि बरामद की गई राशि मात्र ₹18 करोड़ रुपये है.
फरवरी 2026 तक मुंबई में 952 साइबर मामले दर्ज
वहीं साल 2026 में, फरवरी महीने तक, मुंबई में साइबर अपराध के 952 मामले दर्ज किए गए, इनमें से केवल 120 मामले ही सुलझाए जा सके हैं, और कुल 107 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. साल 2025 में, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 4,825 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से 1,542 मामलों को सुलझाने में सफल रही और कुल 1,410 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. साल 2024 में भी, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 5,087 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से केवल 1,253 मामलों को ही सुलझाने में सफल रही, और 1,294 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.


