मुंबई : ठेकेदार खुद डाल रहे नालों में मलबा... मॉनसून से पहले नाले सफाई में भ्रष्टाचार का खेल
Mumbai: Contractors Themselves Dumping Debris into Drains... The Game of Corruption in Pre-Monsoon Drain Cleaning
शहर के बोरिवली के बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आने वाले मॉनसून के दौरान नाले जाम होने का बहाना बनाकर दोबारा सफाई का नया कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के इरादे से यह साजिश रची जा रही है. उनका आरोप है कि जानबूझकर नालों में मलबा भरा जा रहा है, ताकि जलभराव की स्थिति पैदा हो. जैसे ही यह मामला विधायक संजय उपाध्याय के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया. मौके पर मौजूद हालात को देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुंबई : मुंबई में मॉनसून से पहले नाला सफाई के नाम पर एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप सामने आया है. बोरिवली इलाके में सामने आई एक घटना ने इस पूरे सिस्टम पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां ठेकेदारों पर जानबूझकर नालों में मलबा डालने का आरोप लगाया गया है. मुंबई में मॉनसून से पहले होने वाली नाला सफाई को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शहर के बोरिवली पश्चिम के एक नाले में ठेकेदार द्वारा भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी डाली जा रही थी.
शहर के बोरिवली के बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आने वाले मॉनसून के दौरान नाले जाम होने का बहाना बनाकर दोबारा सफाई का नया कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के इरादे से यह साजिश रची जा रही है. उनका आरोप है कि जानबूझकर नालों में मलबा भरा जा रहा है, ताकि जलभराव की स्थिति पैदा हो. जैसे ही यह मामला विधायक संजय उपाध्याय के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया. मौके पर मौजूद हालात को देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क के काम से निकली मिट्टी, डिवाइडर के अवशेष और अन्य मलबा नाले के अंदर फेंका जा रहा था. जहां एक तरफ महानगरपालिका नाला सफाई के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की धांधली हैरान करने वाली है. विधायक उपाध्याय ने कहा कि अक्सर नालों के चोक होने के लिए केवल प्लास्टिक कचरे को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन हकीकत में ठेकेदारों द्वारा फेंकी गई यही मिट्टी और मलबा जलभराव का सबसे बड़ा कारण है.


