मुंबई : रेड सिग्नल तोड़ा और कुचल दिया... 8 साल चली कानूनी जंग, अब हिट-एंड-रन के मुजरिम भरेंगे 1 करोड़
Mumbai: Broke the red signal and crushed someone... 8 years of legal battle, now hit-and-run accused to pay Rs 1 crore
सड़क पर एक पल की लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी छीन सकती है. मुंबई में 2018 का एक ऐसा ही हिट-एंड-रन मामला अब 8 साल बाद अपने अंजाम तक पहुंचा है, जहां एक डेंटल इंटर्न की मौत ने न्याय व्यवस्था की लंबी प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने के सवाल को फिर से सामने ला दिया है. रेड सिग्नल तोड़कर तेज रफ्तार में आई कार ने न सिर्फ एक 25 साल की युवती के सपनों को खत्म किया, बल्कि उसके परिवार को भी गहरे सदमे
मुंबई : सड़क पर एक पल की लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी छीन सकती है. मुंबई में 2018 का एक ऐसा ही हिट-एंड-रन मामला अब 8 साल बाद अपने अंजाम तक पहुंचा है, जहां एक डेंटल इंटर्न की मौत ने न्याय व्यवस्था की लंबी प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने के सवाल को फिर से सामने ला दिया है. रेड सिग्नल तोड़कर तेज रफ्तार में आई कार ने न सिर्फ एक 25 साल की युवती के सपनों को खत्म किया, बल्कि उसके परिवार को भी गहरे सदमे में डाल दिया. अब कोर्ट का फैसला इस बात का संकेत है कि कानून देर से सही लेकिन जवाबदेही तय करता है और लापरवाही की कीमत चुकानी ही पड़ती है.
यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की गंभीर चेतावनी भी है. अकसर हादसों में पीड़ित पर ही सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन इस केस में ट्रिब्यूनल ने साफ कर दिया कि गलती पूरी तरह ड्राइवर की थी. रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल फोन का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश भी कोर्ट में टिक नहीं पाई. 8 साल की कानूनी लड़ाई के बाद आया यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है.
मुंबई के मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी ड्राइवर, वाहन मालिक और बीमा कंपनी को मिलकर करीब 98.5 लाख रुपए (ब्याज सहित लगभग 1 करोड़ रुपए) का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
डिपाली लहामटे जो नायर हॉस्पिटल डेंटल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही थीं, 24 मार्च 2018 को अपने भाई के कॉन्वोकेशन में जा रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार होंडा सिटी कार ने उन्हें टक्कर मार दी. इस हादसे में उन्हें गंभीर सिर की चोट आई और छह दिन बाद उनकी मौत हो गई. यह घटना हिट-एंड-रन के रूप में सामने आई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया था.
मामले की सुनवाई के दौरान ड्राइवर और बीमा कंपनी ने यह दलील दी कि पीड़िता मोबाइल फोन में व्यस्त थी और अचानक सड़क पर आ गई. लेकिन ट्रिब्यूनल ने गवाह के बयान को आधार मानते हुए इस दलील को खारिज कर दिया. गवाह ने बताया कि कार ने रेड सिग्नल पार किया और तेज रफ्तार में आकर युवती को टक्कर मारी. कोर्ट ने साफ कहा कि यह पूरी तरह ड्राइवर की लापरवाही थी.


