मुंबई : युद्ध के बीच चीन से जहाजों पर लदकर आईं सुरंगें खोदने वाली मशीनें, अंडरग्राउंड दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

Mumbai: Tunnel-boring machines arrive on ships from China amid the war; bullet train to run underground

मुंबई : युद्ध के बीच चीन से जहाजों पर लदकर आईं सुरंगें खोदने वाली मशीनें, अंडरग्राउंड दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

अमेेरिका-ईरान में चले रहे युद्ध के बीच भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पहुंच गई हैं। सुरंगें खोदने वाली हर मशीन करीब 2,000 टन की हैं। ये मशीनें जर्मन कंपनी हेरेनकनेक्ट  ने बनाई हैं, जिनका प्रोडॅक्शन चीन में गुआंगझू की फैक्ट्री में किया गया है।

मुंबई : अमेेरिका-ईरान में चले रहे युद्ध के बीच भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पहुंच गई हैं। सुरंगें खोदने वाली हर मशीन करीब 2,000 टन की हैं। ये मशीनें जर्मन कंपनी हेरेनकनेक्ट  ने बनाई हैं, जिनका प्रोडॅक्शन चीन में गुआंगझू की फैक्ट्री में किया गया है। इन मशीनों को चीन से भारत जहाजों के जरिये लाने में नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय को बीजिंग, बर्लिन से संपर्क साधना पड़ा और अरसे से कूटनीतिक बातचीत के बाद सरकार को ये बड़ी कामयाबी मिली है। इन मशीनों के आने से अब बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरा करने में तेजी आएगी। 

 

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मुंबई के नीचे चट्टान काटकर बनेगा अंडरग्राउंड टनल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही ये मशीनें एक शहर के नीचे चट्टानों को काटकर अंडरग्राउंड टनल बना देंगी, जिससे होकर भारत की पहली बुलेट ट्रेन गुजरेगी। 13.56 डायमीटर वाली ये टनल बोरिंग मशीनें भारत की धरती पर अब तक की सबसे बड़ी मशीनें हैं।

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मुंबई के नीचे चट्टान काटकर बनेगा अंडरग्राउंड टनल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही ये मशीनें एक शहर के नीचे चट्टानों को काटकर अंडरग्राउंड टनल बना देंगी, जिससे होकर भारत की पहली बुलेट ट्रेन गुजरेगी। 13.56 डायमीटर वाली ये टनल बोरिंग मशीनें भारत की धरती पर अब तक की सबसे बड़ी मशीनें हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इन मशीनों को लाने में भारत के कूटनीतिक संपर्कों का बड़ा इस्तेमाल हुआ है। नई दिल्ली, बीजिंग और बर्लिन के बीच कूटनीतिक प्रयास करने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय विदेश मंत्रालय 18 महीनों से लगा हुआ था, तब जाकर ये मशीनें चीन से भारत आ पाईं। 

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मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किमी दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुुलेट ट्रेन परियोजना के लिए मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल  का कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा होगा, जो महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर का करीब 323 किलोमीटर का हिस्सा तकरीबन पूरा हो चुका है। 

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21 किलोमटर का अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनेगा
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सबसे ज्यादा तकनीकी हिस्सा अंडरग्राउंड वाला है, जो 21 किलोमीटर लंबा है।
यह मुंबई में बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स से नवीं मुंबई के शिलफाटा के बीच होगा।
यहां बेहद घनी आबादी और इन्फ्रास्ट्रक्चर है, ऐसे में इसे बनाना बेहद जटिल साबित हो रहा था।
मगर, अब इन टीबीएम मशीनों के आने से टनल बनाने का काम संभव हो पाएगा। 

कितना हो चुका है काम, कितना है बकाया
इन 21 किलोमीटर की सुरंग में से 4.8 किमी का काम तो पूरा हो चुका है। इस हिस्से को न्यू ऑस्ट्रियाई टनलिंग मेथड यानी ड्रिल और ब्लास्ट के तरीके से बनाया गया है। बचा हुआ 15.5 किलोमीटर के हिस्से को बनाने के लिए इन TBM मशीनों की जरूरत थी।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त, 2027 तक चलने की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने बुलेट ट्रेन के लिए 7 नए कॉरिडोर का ऐलान किया था, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद शामिल हैं।

 

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