मुंबई : ताजा दूध महंगा, 93 रुपये नई कीमत, इसी रेट पर बिकेगा तबेले का 7 लाख लीटर मिल्क, जानें वजह
Mumbai: Fresh milk becomes expensive, new price Rs 93, 7 lakh litres of milk from the stable will be sold at this rate, know the reason
देश की आर्थिक राजधानी में दूध की थोक कीमतों में बढ़ोतरी सामने आई है। मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई। जोगेश्वरी स्थित दीवान सेंटर सभागृह में मंगलवार को मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ की आमसभा की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सी के सिंह ने की। यह बैठक कासम काश्मीरी के संयोजन में आयोजित की गई।
मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी में दूध की थोक कीमतों में बढ़ोतरी सामने आई है। मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई। जोगेश्वरी स्थित दीवान सेंटर सभागृह में मंगलवार को मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ की आमसभा की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सी के सिंह ने की। यह बैठक कासम काश्मीरी के संयोजन में आयोजित की गई। संघ की बैठक में दुधारू पशुओं की बढ़ती कीमत और उनके खाद्य पदार्थों जैसे दाना, तुवर चूनी, चना चूनी, घास, पिंडा आदि की कीमतों में 15 फीसदी से लेकर 25 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी पर चर्चा की गई। इसके बाद संघ ने दो रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया। तब तबेले (भैंस) का दूध 93 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा।
सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ ने पिछले बार अगस्त, 2025 में रेट बढ़ाए थे। तब दूध की कीमत 89 रुपये 91 रुपये की थी। इससे पहले संघ ने फरवरी 2023 में बढ़ोतरी की थी तब संघ की तरफ से 85 रुपये प्रति लीटर रेट किया गया था। थोक भैंस के दूध के दाम बढ़ने पर रिटेल में इसके करीब 95 रुपये से अधिक हो जाने की संभावना है। बैठक में शामिल रहे एक पदाधिकारी ने मीडिया को बताया कि मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ (बांम्बे मिल्क र्पोडूयसर् एशोसियशन) की आम सभा में सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दूध की मौजूदा होलसेल कीमत दो रुपये बढ़ाकर 93 प्रति लीटर किया जाए।
तबेलों से मिलता है 7 लाख लीटर दूध
मुंबई में करीब 7 लाख लीटर भैंस के ताजे दूध की आपूर्ति तबेलों से की जाती है।मुंबई, कल्याण, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में करीब 70 हजार भैंसे हैं, जबकि दूध उत्पादकों की संख्या करीब 500 है। मुंबई में 43 हजार लीटर दूध की आपूर्ति विभिन्न दूध डेरियों से की जाती है। पशुओं के चारे में वृद्धि को देखते हुए यह दर 1 मार्च से 31 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी।


