नवी मुंबई महानगरपालिका के इस वार्ड में नहीं होगा चुनाव, हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
There will be no elections in this ward of Navi Mumbai Municipal Corporation, High Court has imposed an interim stay.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड 17ए (वाशी) में आगामी चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी. साथ ही कोर्ट ने एक निर्वाचन अधिकारी की ओर से बीजेपी उम्मीदवार के नामांकन को खारिज करने के आदेश पर भी रोक लगा दी. बीजेपी नेता नीलेश भोजने का नामांकन फॉर्म निर्वाचन अधिकारी ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) के तहत इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनकी संपत्ति पर अनधिकृत निर्माण हुआ था.
मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड 17ए (वाशी) में आगामी चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी. साथ ही कोर्ट ने एक निर्वाचन अधिकारी की ओर से बीजेपी उम्मीदवार के नामांकन को खारिज करने के आदेश पर भी रोक लगा दी. बीजेपी नेता नीलेश भोजने का नामांकन फॉर्म निर्वाचन अधिकारी ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) के तहत इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनकी संपत्ति पर अनधिकृत निर्माण हुआ था.
मुख्य न्यायाधीश चन्द्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने कहा, ''निर्वाचन अधिकारी ने भोजने के नामांकन प्रपत्र को खारिज करके प्रथम दृष्टया शक्तियों का अवैध और मनमाना प्रयोग प्रदर्शित किया है''. अपने अंतरिम आदेश में, अदालत ने नवी मुंबई नगर निकाय के वार्ड 17ए में 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए भोजने के नामांकन प्रपत्र को खारिज करने के निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर रोक लगा दी.
बॉम्बे हाई कोर्ट में 9 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने कहा, “राज्य चुनाव आयोग, आयुक्त, नवी मुंबई नगर निगम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव निर्वाचन अधिकारी, नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड नंबर 17ए के लिए पार्षद की सीट पर चुनाव के संबंध में आगे नहीं बढ़ेंगे.” अदालत इस मामले की आगे की सुनवाई शुक्रवार (09 जनवरी) को करेगी. भोजने ने उनके नामांकन को अवैध ठहराने वाले निर्वाचन अधिकारी के 31 दिसंबर, 2025 के आदेश को चुनौती दी थी.
अवैध निर्माण की वजह से पार्षद बनने के लिए अयोग्य!
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या उसके परिवार के किसी आश्रित सदस्य ने किसी अवैध या अनधिकृत संरचना का निर्माण किया है, तो उसे पार्षद बनने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा. भोजने ने अपनी याचिका में कहा कि यह धारा सिर्फ मौजूदा पार्षद पर लागू होती है, उम्मीदवार पर नहीं.
याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दिए जाने की जरूरत- हाई कोर्ट
हाई कोर्ट की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना या रोकना एक बात है, जबकि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों या वार्डों में हस्तक्षेप करना दूसरी बात है. अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दिए जाने की आवश्यकता है क्योंकि धारा 10(1डी) उसके मामले में लागू नहीं है.


