जबरन धर्मांतरण के आरोपों पर महिम दरगाह ट्रस्ट का स्पष्टीकरण: ‘The Kerala Story 2’ विवाद से बताया असंबंध
Mahim Dargah Trust clarifies allegations of forced conversion: Says it is unrelated to 'The Kerala Story 2' controversy
फिल्म The Kerala Story 2 से जुड़े कथित आरोपों पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से माहिम क्षेत्र में संवेदनशीलता बढ़ गई है। माहिम दरगाह ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों द्वारा पुलिस स्टेशन के बाहर वीडियो पोस्ट करने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपील की है कि ऐसे मामलों में सोशल मीडिया स्टंट से बचा जाए और आवश्यक हो तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय का सहारा लिया जाए। रमज़ान के मद्देनज़र शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
मुंबई: फिल्म “The Kerala Story 2” से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के चलते स्थानीय स्तर पर भ्रम और चर्चा का माहौल बन गया है।
इन आरोपों के संदर्भ में माहिम दरगाह ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि दरगाह का फिल्म से जुड़े किसी भी कथित धर्मांतरण मामले या विवाद से कोई संबंध नहीं है। ट्रस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि बिना तथ्य जाने दरगाह का नाम जोड़ना अनुचित है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के प्रतिनिधि अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए माहिम पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस स्टेशन के बाहर एक वीडियो रिकॉर्ड कर आधिकारिक पेज पर साझा किया गया, जिसमें उन्होंने अपना पक्ष रखा। ट्रस्ट का कहना है कि उनका उद्देश्य अफवाहों का खंडन करना और शांति बनाए रखना था।
बताया जा रहा है कि माहिम दरगाह ट्रस्ट से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद माहिम पुलिस स्टेशन के बाहर एक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे अपने आधिकारिक पेज पर साझा किया। चूंकि मामला पहले से शिकायत के दायरे में है, ऐसे में सार्वजनिक रूप से वीडियो पोस्ट किए जाने को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपील की है कि संवेदनशील मुद्दों पर सोशल मीडिया का उपयोग “स्टंट” के रूप में न किया जाए। उनका कहना है कि यदि फिल्म में किसी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री है, तो माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से तथ्य स्पष्ट कराए जाएं और आवश्यकता हो तो संबंधित दृश्यों पर रोक लगाने की मांग की जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि रमज़ान के पवित्र माह में मुंबई की धार्मिक महत्ता को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या वायरल सामग्री से साम्प्रदायिक सौहार्द प्रभावित न हो। वहीं, कुछ लोगों द्वारा यह भी चर्चा की जा रही है कि विवाद और वायरल वीडियो कहीं फिल्म के प्रचार (प्रमोशन) का हिस्सा तो नहीं हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


