नई दिल्ली : आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने एआई का इस्तेमाल करके 'रेल ट्रैक इंस्पेक्शन रोबोट' तैयार किया

New Delhi: Scientists from the Mechanical Engineering Department of IIT Kharagpur have developed a 'Rail Track Inspection Robot' using AI

नई दिल्ली : आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने एआई का इस्तेमाल करके 'रेल ट्रैक इंस्पेक्शन रोबोट' तैयार किया

रेल पटरियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी का अब रोबोट के माध्यम से आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके 'रेल ट्रैक इंस्पेक्शन रोबोट' तैयार किया है। साल 2018 से इस रोबोट के संबंध में अनुसंधान किया जा रहा था।

नई दिल्ली : रेल पटरियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी का अब रोबोट के माध्यम से आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके 'रेल ट्रैक इंस्पेक्शन रोबोट' तैयार किया है। साल 2018 से इस रोबोट के संबंध में अनुसंधान किया जा रहा था। मालूम हो कि वर्तमान में रेलकर्मी पटरियों की जांच करते हैं। साधारण अथवा यांत्रिक ट्राली से जांच की जाती है। पटरी में कहां दरारें पड़ी हैं, कहां 'फिशप्लेट' नहीं हैं और कहां 'क्लिप' खुल गई हैं। इसका निरीक्षण किया जाता है। 

कई बार इसमें खामियां रह जाती हैं, जो दुर्घटनाओं को न्योता देती हैं। इस रोबोट को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर दिलीप कुमार प्रतिहार ने बताया कि पूरे देश में इस समय जिस पद्धति से रेल पटरियों की जांच की जाती है, वह स्वचालित नहीं है। जीपीएस से लैस हमारा रोबोट एआई के बल पर आसानी से यह पता लगाने में सक्षम होगा कि पटरी में कहां क्या समस्या है?

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उन्होंने कहा कि देश में ट्रेन हादसे जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए पटरियों की त्रुटिहीन जांच बहुत जरुरी है। हमारा रोबोट दिखने में छोटी गाड़ी जैसा है। इसमें एक कैमरा लगा है, जो स्वचालित तरीके से पटरियों की तस्वीरें खींचेगा।

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25 हजार में तैयार किया गया रोबोट
रोबोट में लगा प्रोसेसिंग यूनिट फोटो का बारीकी से विश्लेषण करके गड़बड़ी का पता करेगा। जांच के दौरान जहां भी गड़बड़ी दिखेगी, वाहन रूपी रोबोट वहां रुक जाएगा। इस रोबोट को तैयार करने में 25 हजार रुपये की लागत आई है। दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रोबोट के बारे में जानकारी मिली है। इसका निरीक्षण करने के बाद रेल बोर्ड को इसके बारे में सूचित किया जाएगा।

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