Competition
Mumbai 

मुंबई : वर्ल्ड कप से पहले मुंबई में लगेगा सितारों का मेला, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल में सीधी टक्कर, कसौटी पर कप्तानी

मुंबई : वर्ल्ड कप से पहले मुंबई में लगेगा सितारों का मेला, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल में सीधी टक्कर, कसौटी पर कप्तानी टी20 विश्व कप का बुखार भले ही चढ़ रहा हो लेकिन स्टार खिलाड़ियों से सजी मुंबई और कर्नाटक के बीच शुक्रवार से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अगले पांच दिन तक रोमांचक खेल देखने को मिल सकता है. दोनों टीमों का इतिहास शानदार रहा है जिसमें मुंबई के पास 42 रणजी खिताब हैं और कर्नाटक के पास आठ ट्रॉफियां हैं लेकिन ऐसे नॉकआउट मुकाबलों में पिछले रिकॉर्ड का ज्यादा असर नहीं होता.
Read More...
Maharashtra 

मुंबई :  निकाय चुनावों को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच तीखी टक्कर 

मुंबई :  निकाय चुनावों को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच तीखी टक्कर  स्थानीय निकाय चुनावों में जीत की आस लगाए सहयोगी दलों भाजपा और शिवसेना के बीच रस्साकशी का कल्याण-डोंबिवली में एक नया टकराव देखने को मिला। शिवसेना (यूबीटी) कल्याण प्रमुख दीपेश म्हात्रे, जिन्हें एकनाथ शिंदे की पार्टी लुभा रही थी, भाजपा में शामिल हो गए; जवाब में, शिवसेना ने कुछ ही घंटों में दो पूर्व भाजपा पार्षदों, विकास म्हात्रे और कविता म्हात्रे को अपने साथ शामिल कर लिया। राकांपा के पूर्व पार्षद नंदू धुले भी शिवसेना में शामिल हो गए। शिंदे का गढ़ ठाणे है, लेकिन उनके बेटे श्रीकांत कल्याण से सांसद हैं, और शिंदे के समर्थक कल्याण-डोंबिवली की नागरिक राजनीति में हावी रहे हैं।
Read More...
Mumbai 

मुंबई का जंबो वड़ा पाव फास्ट फूड ब्रान्ड्स को दे रहा है कड़ी टक्कर 

मुंबई का जंबो वड़ा पाव फास्ट फूड ब्रान्ड्स को दे रहा है कड़ी टक्कर  वड़ा पाव पूरे देश में मशहूर है। मुंबईकरों का यह सबसे पॉपुलर नाश्ता है। मुंबई की हर गली में वड़ा पाव जरूर मिल जाएगा। आज हम जंबो वड़ा पाव की चर्चा कर रहे हैं। आइये जानते हैं जंबो वड़ा पाव की कैसे और किसने स्थापना की और कैसे मुंबई का ब्रांड बन गया। अभी तक आपने अमेरिकी फास्ट फूड ब्रान्ड्स बर्गर किंग, केएफसी और मैकडोनाल्ड के नाम सुने होंगे।
Read More...
National 

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में कम अंतर से जीती गई तीन दर्जन से अधिक सीटों पर इसबार भी घमासान के आसार 

 पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में कम अंतर से जीती गई तीन दर्जन से अधिक सीटों पर इसबार भी घमासान के आसार  पांच साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में कम अंतर से जीती गई तीन दर्जन से अधिक सीटों पर इसबार भी घमासान के आसार हैं। ये ऐसी सीटें हैं, जिन पर हार जीत का फैसला तीन हजार के करीब या उससे भी कम वोटों के अंतर से हुआ। इस श्रेणी में महागठबंधन के हिस्से की 17 सीटें हैं। एक निर्दलीय और 19 एनडीए के पास हैं। सबसे कम 12 वोटों के अंतर से हिलसा में जदयू उम्मीदवार कृष्ण मुरारी शरण की जीत हुई थी। उन्होंने राजद के शक्ति सिंह यादव को पराजित किया था। राजद ने उस समय भी धांधली का आरोप लगाया था। दो चुनावों के बीच गठबंधनों के पार्टनरों के बदलाव से भी अगला चुनाव प्रभावित होगा। सिमरी बख्तियारपुर में विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी केवल 1759 वोटों के अंतर से चुनाव हारे। राजद के चौधरी युसूफ सलाउद्दीन ने उन्हें पराजित किया था।
Read More...

Advertisement