बरेली: 'महिला आरक्षण' के समर्थन में मुस्लिम महिलाए, कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी
Bareilly: Muslim women protest and raise slogans against Congress in support of 'women reservation'
उत्तर प्रदेश के बरेली में रविवार को मुस्लिम महिलाओं का जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। महिलाओं ने महिला आरक्षण के समर्थन में यह प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं बुर्का पहनकर सड़कों पर उतरीं और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का आयोजन दामोदर स्वरूप पार्क के बाहर किया गया, जहां 'कांग्रेस मुर्दाबाद' के नारों लगाए गए। मौलाना तौकीर रजा की पूर्व पुत्रवधू निदा खान ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में रविवार को मुस्लिम महिलाओं का जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। महिलाओं ने महिला आरक्षण के समर्थन में यह प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं बुर्का पहनकर सड़कों पर उतरीं और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का आयोजन दामोदर स्वरूप पार्क के बाहर किया गया, जहां 'कांग्रेस मुर्दाबाद' के नारों लगाए गए। मौलाना तौकीर रजा की पूर्व पुत्रवधू निदा खान ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
प्रदर्शन के दौरान आईएएनएस से बात करते हुए निदा खान ने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने कहा कि आरक्षण महिलाओं को आगे बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन कुछ महिला विरोधी पार्टियों ने इसका विरोध कर इसे पास नहीं होने दिया। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आरक्षण जरूरी है, लेकिन विरोधी दलों ने राजनीतिक कारणों से इस बिल को रोक दिया। इसी के खिलाफ हम सड़कों पर उतरे हैं।
केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए निदा खान ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के सशक्तीकरण से लेकर उनके अधिकारों की रक्षा तक कई योजनाओं पर काम किया गया है। उन्होंने तीन तलाक और बहु हलाला जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर सख्त कदम उठाकर महिलाओं को राहत देने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सभी महिलाओं के लिए आरक्षण की बात की गई, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे लागू नहीं होने दिया। निदा खान ने कांग्रेस, टीएमसी और सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये पार्टियां देश को कमजोर कर रही हैं और महिलाओं के हितों के खिलाफ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, तो ये दल केवल राजनीति करते हैं।


