दक्षिण मुंबई में बिजली संकट गहराया, बार-बार हो रहे पावर कट से बढ़ी लोगों की परेशानी

Power crisis deepens in South Mumbai, with frequent power cuts adding to residents' woes.

दक्षिण मुंबई में बिजली संकट गहराया, बार-बार हो रहे पावर कट से बढ़ी लोगों की परेशानी

दक्षिण मुंबई में लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी केबलें, बढ़ती बिजली मांग और तेजी से हो रहा पुनर्विकास इस संकट की बड़ी वजह हैं। जानिए आखिर क्यों बार-बार गुल हो रही है मुंबई की बिजली। 

दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही बिजली कटौती ने हजारों नागरिकों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गिरगांव, भुलेश्वर, ओपेरा हाउस, ठाकुरद्वार, कालबादेवी, दादर और वडाला जैसे क्षेत्रों में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती बिजली मांग और पुरानी हो चुकी विद्युत संरचना इस संकट की प्रमुख वजह बन रही है।

हाल ही में गिरगांव और आसपास के इलाकों में केबल फॉल्ट के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। तकनीकी टीमों ने आपूर्ति बहाल कर दी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कुछ भूमिगत केबलों तक पहुंचना और उनकी मरम्मत करना बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वे रेलवे ट्रैक और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों के नीचे से गुजरती हैं।

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली कटौती का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं है। कई इमारतों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि बिजली न होने पर मोटर और पंप काम नहीं कर पाते। इससे ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई में इस गर्मी के दौरान बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। एयर कंडीशनर और अन्य कूलिंग उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली नेटवर्क पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही तेजी से हो रहे पुनर्विकास और नई ऊंची इमारतों के निर्माण ने भी मौजूदा ढांचे पर अतिरिक्त भार डाल दिया है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि कई केबल और विद्युत प्रणालियां दशकों पुरानी हो चुकी हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदलने की आवश्यकता है। यदि समय रहते बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

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बिजली कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती मांग के अनुरूप नेटवर्क को मजबूत बनाना है ताकि मुंबई जैसे महानगर में बार-बार होने वाली बिजली कटौती से लोगों को राहत मिल सके।