मुंबई: घर खरीदार को बड़ी राहत, उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को मुआवजा देने का दिया आदेश
Mumbai: Major relief for home buyers as Consumer Commission orders builder to pay compensation
मुंबई के खार में एक पुनर्विकास परियोजना से जुड़े मामले में उपभोक्ता आयोग ने घर खरीदार के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। फ्लैट के क्षेत्रफल में कमी, कब्जा देने में देरी और अन्य खामियों को लेकर डेवलपर को मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। जानिए पूरा मामला।
मुंबई के खार पश्चिम स्थित एक पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) परियोजना से जुड़े मामले में महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक घर खरीदार के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने डेवलपर और उसके साझेदारों को देरी, फ्लैट के क्षेत्रफल में कमी और अन्य वादों को पूरा न करने के लिए खरीदार को मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
मामला एक आवासीय परियोजना से जुड़ा है, जहां खरीदार ने वर्ष 2010 में एक फ्लैट बुक किया था। समझौते के अनुसार उसे निर्धारित क्षेत्रफल वाला फ्लैट, पार्किंग सुविधा और परियोजना पूरी होने तक किराया मुआवजा मिलना था। लेकिन परियोजना में वर्षों की देरी हुई और कई शर्तें पूरी नहीं की गईं।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि समझौते में 750 वर्ग फुट कार्पेट एरिया का वादा किया गया था, जबकि वास्तविक रूप से उसे लगभग 525 वर्ग फुट का फ्लैट मिला। इसके अलावा कब्जा सौंपने की प्रक्रिया भी कानूनी औपचारिकताएं पूरी किए बिना की गई।
आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि डेवलपर अपनी संविदात्मक और कानूनी जिम्मेदारियों का पालन करने में विफल रहा। आयोग ने डेवलपर को पार्किंग उपलब्ध कराने, आवश्यक कानूनी दस्तावेज पूरे करने और क्षेत्रफल की कमी के लिए प्रचलित सरकारी दरों के आधार पर मुआवजा देने का आदेश दिया।
इसके अलावा आयोग ने देरी से कब्जा देने, मानसिक परेशानी और सेवा में कमी के लिए भी अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह फैसला उन घर खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो पुनर्विकास परियोजनाओं में देरी और वादाखिलाफी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।


