मुंबई : 20 लाख झुग्गियों की बदलेगी सूरत, मुंबईकरों को मिलेंगे 10 लाख सस्ते घर, इस इलाके में बसेगी चौथी मुंबई
Mumbai: 2 million slums will be transformed, Mumbaikars will get 1 million affordable homes, and this area will become the fourth Mumbai.
मुंबई और उसके आसपास के इलाके यानी मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन को झुग्गी मुक्त बनाने और 20 लाख झुग्गियों के रीडेवलपमेंट के लिए स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी एक डीटेल मास्टरप्लान पर काम कर रही है. साथ ही इस योजना के तहत 10 लाख किफायती घर भी बनाने का लक्ष्य रखा गया है. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने वित्त वर्ष 2026-27 के अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की है. यही नहीं, बजट में तीसरी और चौथी मुंबई बसाने का भी ऐलान किया गया है आपको बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 2026-27 के लिए ₹7.69 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है.
मुंबई : मुंबई और उसके आसपास के इलाके यानी मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन को झुग्गी मुक्त बनाने और 20 लाख झुग्गियों के रीडेवलपमेंट के लिए स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी एक डीटेल मास्टरप्लान पर काम कर रही है. साथ ही इस योजना के तहत 10 लाख किफायती घर भी बनाने का लक्ष्य रखा गया है. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने वित्त वर्ष 2026-27 के अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की है. यही नहीं, बजट में तीसरी और चौथी मुंबई बसाने का भी ऐलान किया गया है आपको बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 2026-27 के लिए ₹7.69 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है.
प्रवासी कामगरों, मिडिल क्लास को सस्ते घर
महाराष्ट्र सरकार के बजट के मुताबिक मास्टरप्लान के तहत बनाए जाने वाले 10 लाख घरों में रेंटल हाउसिंग भी शामिल होगी, जिससे शहर में काम करने के लिए आने वाले प्रवासी कामगरों और मिडिल क्लास को सस्ते घरों का विकल्प मिलेगा.
बजट डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मुंबई में अवैध कब्जे और नई झुग्गियों को पनपने से रोकने के लिए बजट में एक और सख्त कदम उठाने की घोषणा की गई है.
सरकार एक नो न्यू स्लम फ्रेमवर्क पर काम कर रही है. इसके तहत जियोग्रॉफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम आधारित मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा. जीआयएस से सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में किसी भी तरह का कोई अवैध निर्माण न हो सके. सरकार की योजना आगे चलकर इस फ्रेमवर्क को दूसरे शहरों में भी लागू करने की है.
पेनल्टी को किया सख्त
महाराष्ट्र सरकार ने बजट में महाराष्ट्र स्टांप एक्ट की धारा 50,60, 63ए और 68ए के तहत पेनल्टी को सख्त कर दिया है. इसके तहत जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है.
1 लाख रुपए तक की पेनल्टी
अगर कोई प्रॉपर्टी एग्रीमेंट कम स्टांप ड्यूटी के साथ एग्जीक्यूट किया गया तो जुर्माने की राशि 50,000 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए तक कर दी गई है.
सरकार का मकसद स्टांप ड्यूटी की चोरी को रोकना है. इसके अलावा बजट में कहा गया है कि सरकार महाराष्ट्र लैंड टाइटल बिल पेश करेगी.
महाराष्ट्र लैंड टाइटल बिल का मकसद प्रॉपर्टी ट्रांसफर में होने वाली धांधली को रोकना और प्रॉपर्टी को लेकर होने वाली विवादों को कम करना भी है.
यहां पर बसेगी तीसरी और चौथी मंबई
महाराष्ट्र सरकार ने बजट में प्रस्ताव रखा है कि साल 2030 तक मुंबई मेट्रपॉलिटन रीजन की अर्थव्यवस्था को 140 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 300 बिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाएगा. इसके अलावा सरकार ने पालघर जिले के वाढवण इलाके के पास चौथी मुंबई विकसित करने की भी योजना है. यहां पर लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के लिए डेवलपमेंट सेंटर तैयार किए जाएंगे. वहीं, अटल सेतु के इलाकों के आसपास तीसरी मुंबई बसाई जाएगी.


