Mumbaikars
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई : 'आज रात काट दिया जाएगा गैस कनेक्शन...', पश्चिम एशिया संकट के बीच कैसे ठगे जा रहे मुंबई के लोग?
Published On
By Online Desk
साइबर ठगों ने गैस कनेक्शन बिल के नाम पर बड़ा घोटाला को अंजाम दिया है। फर्जी संदेश भेजकर 100 से ज्यादा लोगों को ठगा और उनके बैंक खातों से करीब 2.7 करोड़ रुपये उड़ा दिए। यह मामला शहर में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है। मुंबईकरों के लिए गुड न्यूज, अब कम आएगा बिजली बिल, मुंबई में आज से नए रेट लागू
Published On
By Online Desk
मुंबईकरों के बिजली के रेट में 1 अप्रैल 2026 से बदलाव किया जा रहा है। क्योंकि बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियां -बेस्ट, टाटा पावर और अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने अपने बिजली दरों में कटौती करने का फैसला लिया है। नए रेट 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को मई महीने के बिल में सीधा फायदा मिलेगा। मुंबई : 6 दिनों के लिए छुट्टी पर जा रहे हैं मुंबई के मशहूर डब्बावाले, मुंबईकरों से संघ ने की ये भावुक अपील
Published On
By Online Desk
मुंबईकरों की लाइफलाइन कहे जाने वाले डब्बावाले 6 दिनों की छुट्टी पर जा रहे हैं, जिससे आज से मुंबईकरों के लिए मुश्किल शुरू होने वाली है. अगले 4 अप्रैल तक डब्बावाले ग्रामदेवता उत्सव की वार्षिक छुट्टी पर अपने घरों को जा रहे है. 30 अप्रैल से 4 अप्रैल तक वार्षिक उत्सव के लिए अपने घरों पर रहेंगे, जिससे मुंबईकरों को डब्बेवालों की सेवा नहीं मिले सकेगी और उन्हें विकल्प तलाशने होंगे. मुंबई : मुंबईकरों को हल्के में लिया गया, सिर्फ़ कॉन्ट्रैक्ट पर ध्यान दिया गया; सिस्टम को निष्पक्ष बनाएँगे - मेयर रितु तावड़े
Published On
By Online Desk
बीएमसी की मेयर रितु तावड़े (53) ने कहा कि वह बीएमसी पर ठेकेदारों के एक गुट की पकड़ को तोड़ने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। ``उनका ध्यान कभी भी शासन पर नहीं था—उनका सारा ध्यान ठेकों पर था। 
