मुंबई में ‘जॉइंट हैश’ ड्रग्स की डिमांड में तेजी, नेपाली नेटवर्क का भंडाफोड़, 2.81 करोड़ की अफगानी चरस जब्त
Demand for 'joint hash' drugs surges in Mumbai; Nepalese network busted, Afghan hashish worth Rs 2.81 crore seized
होली के दौरान मुंबई में भांग, अफीम, चरस, हैश जैसे मादक पदार्थों की अचानक मांग तेज हो जाती हैं। ड्रग्स तस्कर अफगानिस्तान में पैदा होने वाले अफगानी अफीम व हशिश की पाकिस्तान व नेपाल के जरिए तस्करी कर भारत में खपत करवाने में जुट जाते हैं। एंटि नारकोटिक्स सेल (एएनसी) से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन दिनों मुंबई में कुछ ऐसे ड्रग्स तस्कर सक्रिय हैं, जो हाई-प्रोफाइल ‘जॉइंट हैश’ ड्रग्स की सप्लाई करते हैं।
मुंबई : होली के दौरान मुंबई में भांग, अफीम, चरस, हैश जैसे मादक पदार्थों की अचानक मांग तेज हो जाती हैं। ड्रग्स तस्कर अफगानिस्तान में पैदा होने वाले अफगानी अफीम व हशिश की पाकिस्तान व नेपाल के जरिए तस्करी कर भारत में खपत करवाने में जुट जाते हैं। एंटि नारकोटिक्स सेल (एएनसी) से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन दिनों मुंबई में कुछ ऐसे ड्रग्स तस्कर सक्रिय हैं, जो हाई-प्रोफाइल ‘जॉइंट हैश’ ड्रग्स की सप्लाई करते हैं।
2.81 करोड़ रुपये की अफगानी चरस बरामद
26 फरवरी की रात ऐसे ही एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एएनसी ने 2.81 करोड़ रुपये की अफगानी चरस बरामद किए। इस मामले में दो विदेशी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार हुए थे। अंधेरी के एक होटल से गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान दीपक लांबा (28) और सुंदर अरुण (34) के रूप में हुई। दोनों नेपाल के चितवन के निवासी हैं जबकि दो अन्य विलेपार्ले निवासी आरोपी पति-पत्नी हैं। इन आरोपियों से जब्त मादक पदार्थ उच्च गुणवत्ता वाले ‘जॉइंट हैश’ थे।
जॉइंट हैश की सर्वाधिक मांग
सूत्र बताते हैं कि जॉइंट हैश की मांग कथित तौर पर निजी पार्टी करने वाले रईसों और फिल्मी दुनिया के लोगों में अधिक होती है। यह ड्रग्स चूंकि कम से कम 12 घंटे तक असर दिखाता है इसलिए इसकी मांग सिगरेट, सिगार, चरस व अफीम का सेवन करने वाले लोगों में सर्वाधिक होती हैं। साथ ही, हुक्का पीने वाले युवा वर्ग भी जॉइंट हैश का धड़ल्ले से सेवन करते हैं।


