मुंबई : शहर में केवल 'मराठी मेयर' ही स्वीकार्य होगा, अन्यथा स्थिति बिगड़ सकती है - मनसे

Mumbai: Only a 'Marathi Mayor' will be acceptable in the city, otherwise the situation may worsen - MNS

मुंबई : शहर में केवल 'मराठी मेयर' ही स्वीकार्य होगा, अन्यथा स्थिति बिगड़ सकती है - मनसे

मुंबई से सटे मीरा-भायंदर महानगरपालिका में सत्ता की बागडोर किसके हाथ में होगी, इसे लेकर घमासान शुरू हो गया है। चुनाव परिणामों के बाद अब 'मराठी अस्मिता' का मुद्दा फ्रंटफुट पर आ गया है। मराठी एकीकरण समिति और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें शहर में केवल 'मराठी मेयर' ही स्वीकार्य होगा, अन्यथा स्थिति बिगड़ सकती है। 

मुंबई : मुंबई से सटे मीरा-भायंदर महानगरपालिका में सत्ता की बागडोर किसके हाथ में होगी, इसे लेकर घमासान शुरू हो गया है। चुनाव परिणामों के बाद अब 'मराठी अस्मिता' का मुद्दा फ्रंटफुट पर आ गया है। मराठी एकीकरण समिति और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें शहर में केवल 'मराठी मेयर' ही स्वीकार्य होगा, अन्यथा स्थिति बिगड़ सकती है। 

 

Read More नागपुर : इंटरनेट पर सर्च किया था कि "मृत्यु के बाद क्या होता है" 17 वर्षीय लड़की ने कर ली आत्महत्या

Read More मुंबई: आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके की संकल्पना से ‘संवाद चिमुकल्यांशी’अभियान की शुरुआत

अपना खून बहाने को तैयार हूं- देशमुख
मराठी एकीकरण समिति के अध्यक्ष गोवर्धन देशमुख ने इस मांग को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन और सत्ताधारी दल को सीधी चेतावनी दी है और कहा कि अगर मराठी मेयर नहीं बना, तो मीरा-भायंदर महानगरपालिका के प्रवेश द्वार पर मेरा खून बहेगा! देशमुख ने कहा, "यदि मीरा-भायंदर में किसी गैरमराठी व्यक्ति को महापौर (मेयर) बनाया गया, तो मैं महानगरपालिका के प्रवेश द्वार पर अपना खून बहाने को तैयार हूं। मैं गोलियां झेल लूंगा, लेकिन मराठी अस्मिता से समझौता नहीं करुंगा। मीरा-भायंदर में संयुक्त महाराष्ट्र की दूसरी लड़ाई जैसा बड़ा आंदोलन होगा।"

Read More नागपुर में कार कुएं में गिर गई दर्दनाक हादसा; तीन युवकों की मौत

 

देशमुख ने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण को ज्ञापन भी भेजा है। 

Read More मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार 1.05 अरब डॉलर बढ़कर 630.61 अरब डॉलर 

मनसे ने क्या कहा?
इस मांग को राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का भी पुरजोर समर्थन मिला है। मनसे के कद्दावर नेता अविनाश जाधव और शहराध्यक्ष संदीप राणे ने साफ कहा है कि मीरा-भायंदर में मराठी मेयर ही होना चाहिए।
गोवर्धन देशमुख के 'खून बहाने' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनसे ठाणे जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव ने कहा, "खून बहेगा, लेकिन वह मराठी मानुस का नहीं होना चाहिए।" इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। 

कृपाशंकर सिंह के बयान से गरमाया था मुद्दा
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत मीरा-भायंदर महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह ने मीरा-भायंदर के उत्तर भारतीय मतदाताओं को साधते हुए हाल ही में कहा था कि इस बार मीरा-भायंदर में उत्तर भारतीय मेयर बनाएंगे। हालांकि, विरोध के बाद उन्होंने अपने बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया था, लेकिन यह मुद्दा मुंबई के बीएमसी चुनाव में भी विपक्ष ने जोरशोर से उठाया था। 

कृपाशंकर सिंह के बयान पर तब मनसे ने कहा था कि यह बयान भाजपा की नीति बताता है। भाजपा मराठी भाषियों का वोट सिर्फ सत्ता पाने के लिए मांग रही है, जबकि सत्ता की कमान अन्य राज्यों से आये लोगों के हाथ में देगी। मराठी लोगों को भाजपा के इस षड्यंत्र को समझना चाहिए। कृपाशंकर सिंह पहले कांग्रेस में थे। वह महाराष्ट्र बीजेपी के उपाध्यक्ष के अलावा महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं। 

बता दें कि 2012 से मीरा-भायंदर महानगरपालिका पर भाजपा का कब्जा है। यहां हिंदी, गुजराती और राजस्थानी भाषी लोगों की आबादी बड़ी संख्या में रहती है। मीरा-भायंदर महानगरपालिका में इस बार भाजपा 44 सीटों, कांग्रेस 5 सीटों, एनसीपी (शरद पवार) 4, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) 3 तो वही शिवसेना (उद्धव ठाकरे) एक पर जीती है।