मुंबई : वाकोला, विक्रोली और आरे फ्लाइओवर की रीसर्फेंसिंग में देरी तय
Mumbai: Delays fixed in resurfacing of Vakola, Vikhroli and Aarey flyovers
मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित वाकोला, विक्रोली और आरे फ्लाइओवर की रीसर्फेंसिंग का काम फिलहाल अटक गया है। वजह है बीएमसी की स्टैंडिंग कमिटी का गठन न होना। ठेकेदार फाइनल होने के बावजूद तब तक ठेका नहीं दिया जा सकेगा, जब तक यह प्रस्ताव स्टैंडिंग कमिटी से मंजूर नहीं हो जाता। ऐसे में तीनों अहम फ्लाइओवरों की मरम्मत में देरी तय मानी जा रही है।
मुंबई : मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित वाकोला, विक्रोली और आरे फ्लाइओवर की रीसर्फेंसिंग का काम फिलहाल अटक गया है। वजह है बीएमसी की स्टैंडिंग कमिटी का गठन न होना। ठेकेदार फाइनल होने के बावजूद तब तक ठेका नहीं दिया जा सकेगा, जब तक यह प्रस्ताव स्टैंडिंग कमिटी से मंजूर नहीं हो जाता। ऐसे में तीनों अहम फ्लाइओवरों की मरम्मत में देरी तय मानी जा रही है।
बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, तीनों फ्लाइओवर की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदारों से आवेदन भी मिल चुके हैं। लेकिन नियमों के अनुसार ठेका देने से पहले स्टैंडिंग कमिटी की मंजूरी जरूरी है। 16 जनवरी को बीएमसी चुनाव संपन्न होने के बावजूद अब तक न तो मेयर का चुनाव हो पाया है और न ही कमिटियों का गठन हुआ है। स्टैंडिंग कमिटी के गठन में अभी 5 से 10 फरवरी तक का समय लग सकता है। कमिटी बनते ही प्रस्ताव पेश किया जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू करने की कोशिश होगी।
खर्च होंगे कुल 35 करोड़ रुपये
अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्य में देरी का सीधा असर वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर यातायात पर पड़ेगा। इन तीनो फ्लाइओवरों पर बड़ी संख्या में गड्ढे है, जिससे रोजाना ट्रैफिक स्लो रहता है और हादसों की आशंका बनी रहती है। बीएमसी ने सर्वे पूरा कर लिया है। अनुमान के मुताबिक वाकोला फ्लाइओवर की रीसर्फेसिंग पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकिविक्रोली और आरे फ्लाइओवर पर 10 से 15 करोड़ रुपये तक की लागत आ सकती है।
क्या है पूरा मामला?
नवंबर 2025 में बीएमसी ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के अधीन आने वाले इन तीन फ्लाइओवरों की रीस्फेंसिंग करने का फैसला लिया गया था। उस समय दिसंबर के पहले हफ्ते से काम शुरू होने की बात कही गई थी। 2 नवंबर, 2025 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर ट्रैफिक समस्या को लेकर ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीएमसी ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम से यह जिम्मेदारी अपने हाथ में ली थी। हालांकि, टेंडरिंग पूरी होने के बाद भी प्रशासनिक मंजूरी के अभाव में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।


