मुंबई : बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के आदिवासियों को बड़ी राहत, घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई पर लगी रोक
Mumbai: Major relief for tribals of Sanjay Gandhi National Park in Borivali, action to bulldoze houses stopped
बोरीवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के आदिवासी निवासियों को एक बड़ी राहत मिली। राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने उद्यान क्षेत्र में आदिवासियों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश दिया है। यह निर्देश वन विभाग की प्रधान सचिव मनीषा म्हैसकर और संबंधित अधिकारियों को जारी किए गए हैं।
मुंबई : बोरीवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के आदिवासी निवासियों को एक बड़ी राहत मिली। राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने उद्यान क्षेत्र में आदिवासियों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश दिया है। यह निर्देश वन विभाग की प्रधान सचिव मनीषा म्हैसकर और संबंधित अधिकारियों को जारी किए गए हैं।
शिंदे ने मुख्यमंत्री से चर्चा की
इस मामले में मागाठाणे के शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क कर इस तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने की मांग की थी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा की। इसके बाद मंत्रालय में वन मंत्री ने बैठक ली। बैठक में स्थानीय विधायक प्रकाश सुर्वे, पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी, विधायक राजेंद्र गावित और विधायक संजय उपाध्याय ने आदिवासियों का पक्ष मजबूती से रखा।
पुनर्वास का रखा प्रस्ताव
बैठक में सुर्वे ने प्रस्ताव रखा कि त्रिमूर्ति मंदिर के पास पर्यटन के लिए आरक्षित भूखंड पर इन आदिवासियों का 'वन प्लस वन' योजना के तहत पुनर्वास किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासी वर्षों से यहां रह रहे हैं, इसलिए उनकी आजीविका और निवास को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
तोड़क कार्रवाई करने पहुंचे वन अधिकारी
इस बीच तोड़क कार्रवाई करने के लिए वन अधिकारी दल-बल के साथ पहुंचे जहां पर उन्हें लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण आदिवासी पाड़ों में डर का माहौल बना रहा। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण दीक्षित पटेल सहित चार नागरिकों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वन मंत्री के साथ हुई बैठक में सुवे ने कहा कि कार्रवाई के दौरान आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश और तनाव देखा गया। स्थानीय निवासियों ने वन संरक्षक अनिता पाटील पर सरकार को गुमराह करने और सबूत होने के बावजूद अवैध रूप से घरों को तोड़ने का आरोप लगाया है।


