मुंबई : अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की लोगों से अपील, बिजली की लाइनों के पास पतंग न उड़ाएं
Mumbai: Adani Electricity appeals to people not to fly kites near power lines
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने बुधवार को मुंबई में पतंग उड़ाने वाले लोगों से सिर के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों के पास पतंग न उड़ाने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि बिजली की लाइनों के पास पतंग उड़ाना बहुत खतरनाक हो सकता है। इससे न केवल लोगों की जान को खतरा हो सकता है, बल्कि बिजली सप्लाई भी बाधित हो सकती है।
मुंबई : अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने बुधवार को मुंबई में पतंग उड़ाने वाले लोगों से सिर के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों के पास पतंग न उड़ाने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि बिजली की लाइनों के पास पतंग उड़ाना बहुत खतरनाक हो सकता है। इससे न केवल लोगों की जान को खतरा हो सकता है, बल्कि बिजली सप्लाई भी बाधित हो सकती है। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सलाह सुरक्षित और खुशहाल त्योहार मनाने के उद्देश्य से दी जा रही है। कंपनी ने बताया कि वह मुंबई में अपने 31.5 लाख ग्राहकों को जमीन के नीचे बिछी बिजली लाइनों से बिजली सप्लाई करती है, लेकिन शहर में कुछ जगहों पर ऊपर से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइनें भी मौजूद हैं, जो बाहर से बिजली लाती हैं। इसलिए इन लाइनों के पास पतंग उड़ाने से बचना बहुत जरूरी है। कंपनी ने यह भी बताया कि पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली डोर, जिसे ‘मांझा’ कहा जाता है, बिजली को आसानी से अपने अंदर ले लेती है। अगर यह डोर बिजली की तार को छू ले या उसके बहुत पास चली जाए, तो इससे तेज करंट फैल सकता है, जो बेहद खतरनाक होता है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें बिजली की लाइनों के पास असुरक्षित पतंग उड़ाने से जुड़ी कोई दुर्घटना दिखे या जानकारी मिले, तो तुरंत अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की हेल्पलाइन 19122 पर सूचना दें, ताकि समय पर जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके अलावा, लोग @अदाणी_इलेक_मम सोशल मीडिया हैंडल, कंपनी की वेबसाइट या अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मोबाइल ऐप के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं।
मकर संक्रांति भारत का एक प्रमुख फसल उत्सव है, जो हमारी समृद्ध परंपरा और खेती से जुड़े जीवन को दर्शाता है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और इसे मध्य शीत ऋतु के फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है। कृषि संस्कृति से जुड़ा यह त्योहार मौसमी बदलाव का भी प्रतीक है।


