मुंबई : बीएमसी चुनावों में पीएडीयू मशीनें सिर्फ बैकअप के तौर पर, एसईसी ने दी जानकारी
Mumbai: PADU machines for BMC elections only as backup, SEC informs
महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बुधवार को स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान अगर कोई तकनीकी दिक्कत आती है तो ही प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (पीएडीयू) मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
मुंबई : महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बुधवार को स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान अगर कोई तकनीकी दिक्कत आती है तो ही प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (पीएडीयू) मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि पीएडीयू मशीनें सामान्य तरीके से वोट गिनने के लिए नहीं लगाई जाएंगी, बल्कि सिर्फ उन मामलों में जब बीएलई (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) की वोटिंग मशीनों में कोई तकनीकी गड़बड़ी हो, तभी इन्हें बैकअप के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
एसईसी ने बताया कि बीएमसी चुनावों में इस्तेमाल हो रही बीएलई मशीनें 'एम3ए' मॉडल की हैं, जो कि चुनाव आयोग की हैं। वोट गिनती की प्रक्रिया के अनुसार, सबसे पहले बैलट यूनिट (बीयू) को कंट्रोल यूनिट (सीयू) से जोड़ा जाएगा और इसी के जरिए वोट गिने जाएंगे। पीएडीयू सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में काम आएगी। बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने भी कहा कि पीएडीयू मशीनें केवल बैकअप के तौर पर उपयोग की जाएंगी। एसईसी ने जारी किए गए बयान में कहा कि पीएडीयू डिवाइस केवल उन दुर्लभ मामलों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए जब तकनीकी समस्याओं के कारण सामान्य गिनती संभव न हो। इसके लिए कुल 140 पीएडीयू यूनिट्स बीएमसी चुनावों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। यदि किसी स्थिति में पीएडीयू का इस्तेमाल करना पड़े, तो यह बीएलई तकनीशियन की मौजूदगी में ही होगा।
एसईसी ने पहले ही निर्देश दिए थे कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पीएडीयू मशीन का फंक्शनिंग दिखाया जाए ताकि सभी को प्रक्रिया की जानकारी और पारदर्शिता मिले। इसके अनुसार बीएमसी ने भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए मशीन का व्यावहारिक डेमो करवा दिया। यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने वोटिंग प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पीएडीयू मशीन को बैकअप के रूप में पेश करने पर सवाल उठाए और कहा कि यह मशीन राजनीतिक दलों को पहले से नहीं दिखाई गई थी।
उनका आरोप था कि एसईसी ने राजनीतिक दलों को इस डिवाइस की जानकारी तक नहीं दी। राज ठाकरे ने कहा कि जब ईवीएम का इस्तेमाल होता है, तो पार्टी प्रतिनिधियों को बटन और मशीन की जांच करने के लिए बुलाया जाता है। लेकिन पीएडीयू मशीन के मामले में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने इसे शुद्ध अराजकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई नेताओं की लिखित पूछताछ के बावजूद एसईसी ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी।


