मुंबई : वैवाहिक प्रस्ताव ठुकराने पर महिला को जलाने के ३५ साल पुराने मामले में आरोपी बरी

Mumbai: Accused acquitted in 35-year-old case of burning a woman after she rejected marriage proposal

मुंबई : वैवाहिक प्रस्ताव ठुकराने पर महिला को जलाने के ३५ साल पुराने मामले में आरोपी बरी

वैवाहिक प्रस्ताव ठुकराने पर कथित तौर पर एक महिला को जलाने के ३५ साल पुराने मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी देशमंद मिरांडा (६४) को बरी कर दिया है, क्योंकि मूल दस्तावेज खो गए हैं और प्रमुख गवाहों की मौत हो चुकी है। १९९० में हुई इस घटना के बाद से आरोपी फरार था, उसे पिछले साल १२ सितंबर को वाकोला पुलिस ने गिरफ्तार किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता नतालिन, मिरांडा की दोस्त वैâनोट की बहन थी।

मुंबई : वैवाहिक प्रस्ताव ठुकराने पर कथित तौर पर एक महिला को जलाने के ३५ साल पुराने मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी देशमंद मिरांडा (६४) को बरी कर दिया है, क्योंकि मूल दस्तावेज खो गए हैं और प्रमुख गवाहों की मौत हो चुकी है। १९९० में हुई इस घटना के बाद से आरोपी फरार था, उसे पिछले साल १२ सितंबर को वाकोला पुलिस ने गिरफ्तार किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता नतालिन, मिरांडा की दोस्त वैâनोट की बहन थी। मामला नतालिन के बहनोई, जोसेफ उर्फ जोबो पॉल कौटिन्हो ने दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया था कि नतालिन के पति की घटना से ११ साल पहले मृत्यु हो गई थी और वे एक छोटी बेटी को पीछे छोड़ गए थे। 

 

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कौटिन्हो की शिकायत के अनुसार, ११ नवंबर १९९० को वे अपने घर पर थे, तभी उन्होंने एक पड़ोसी को नतालिन के घर की ओर भागते हुए देखा। जब वह वहां पहुंचा, तो उसने नतालिन को गंभीर रूप से झुलसा हुआ पाया। उसे इलाज के लिए तुरंत सायन अस्पताल ले जाया गया। पुलिस को दिए अपने बयान में उसने कहा कि उसने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। हालांकि, १५ नवंबर, १९९० को कौटिन्हो ने दावा किया कि नतालिन ने उसे बताया था कि मिरांडा ने उसे शादी का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसने मना कर दिया था, जिससे मिरांडा क्रोधित हो गया और उसने उसे आग लगा दी। कौटिन्हो ने दावा किया कि नतालिन ने उसे बताया कि जब उसे अस्पताल ले जाते समय मिरांडा ने उसे धमकी दी थी कि वह इस घटना का खुलासा न करे, अन्यथा वह उसकी मां के पैर काट देगा।

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मूल दस्तावेज नहीं किए थे पेश
मिरांडा को उसी दिन गिरफ्तार किया गया और उसी वर्ष ६ दिसंबर को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसी बीच, नतालिन की १६ नवंबर को मौत हो गई। जमानत पर रिहा होने के बाद मिरांडा फरार हो गया। अक्टूबर २०२५ में, जब अदालत ने मुकदमा शुरू करने का पैâसला किया, तो पता चला कि अभियोजन पक्ष ने मूल एफआईआर, पंचनामा, पुलिस दस्तावेज या पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश नहीं की थी। अभियोजन पक्ष ने कौटिन्हो और नतालिन की बेटी से पूछताछ की, लेकिन वे चश्मदीद गवाह नहीं थे। अदालत ने गौर किया कि प्रमुख गवाहों की मौत हो चुकी है।

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