मुंबई : नवनीत राणा को बड़ी राहत, फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट मामले में मुंबई कोर्ट ने किया आरोपमुक्त
Mumbai: Major relief for Navneet Rana, Mumbai court acquits her in fake caste certificate case
फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट मामले में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को बड़ी राहत मिली है. मुंबई की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता नवनीत राणा को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बुधवार (07 जनवरी 2026) को आरोपमुक्त कर दिया. आरोपमुक्त करने के आग्रह वाली उनकी याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट (मजगांव अदालत) ए ए कुलकर्णी ने स्वीकार कर ली. मामले में अभी विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं है.
मुंबई : फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट मामले में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को बड़ी राहत मिली है. मुंबई की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता नवनीत राणा को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बुधवार (07 जनवरी 2026) को आरोपमुक्त कर दिया. आरोपमुक्त करने के आग्रह वाली उनकी याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट (मजगांव अदालत) ए ए कुलकर्णी ने स्वीकार कर ली. मामले में अभी विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं है.
नवनीत राणा के पिता के खिलाफ जारी रहेगा मुकदमा
हालांकि, बीजेपी नेता नवनीत राणा के पिता हरभजनसिंह कुंडलेस के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा क्योंकि अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए मामले को 16 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है. अनुसूचित जाति से होने का दावा करने वाली नवनीत राणा पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद रह चुकी हैं. वो 2019-24 तक अमरावती से सांसद रहीं. हालांकि बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गईं.
जाति प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेजों में हुई थी हेराफेरी!
मुंबई के मुलुंड थाने में दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, नवनीत राणा और उनके पिता हरभजनसिंह कुंडलेस ने उनका (राणा का) जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर दस्तावेजों में हेराफेरी की, क्योंकि अमरावती लोकसभा सीट, जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था, अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था कास्ट सर्टिफिकेट
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2021 में राणा को जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र यह कहते हुए रद्द कर दिया था. इस दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि इसे जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया था. अप्रैल 2024 में, सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता नवनीत राणा का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बहाल कर दिया, जिससे वह लोकसभा चुनाव लड़ने में सक्षम हो गईं. हालांकि, वह बीजेपी के टिकट पर अमरावती लोकसभा सीट से 2024 का चुनाव हार गईं.


