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Read More... मुंबई स्पेशल कोर्ट ने ईडी के महाराष्ट्र सदन घोटाले मामले में पूर्व राज्य पीडब्ल्यूडी मंत्री छगन भुजबल को बरी किया
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By Online Desk
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामलों की सुनवाई के लिए बनी स्पेशल कोर्ट ने एनसीपी के सीनियर नेता छगन भुजबल, उनके बेटे पंकज और भतीजे समीर को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके खिलाफ दर्ज महाराष्ट्र सदन घोटाले मामले में बरी कर दिया। मामले की अध्यक्षता कर रहे स्पेशल जज सत्यनारायण नवंदर ने भुजबल परिवार को बरी करने का आदेश सुनाया। मुंबई : नवनीत राणा को बड़ी राहत, फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट मामले में मुंबई कोर्ट ने किया आरोपमुक्त
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फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट मामले में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को बड़ी राहत मिली है. मुंबई की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता नवनीत राणा को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बुधवार (07 जनवरी 2026) को आरोपमुक्त कर दिया. आरोपमुक्त करने के आग्रह वाली उनकी याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट (मजगांव अदालत) ए ए कुलकर्णी ने स्वीकार कर ली. मामले में अभी विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं है. मुंबई : नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस कोर्ट ने 130 किलोग्राम गांजा मामले में 5 लोगों को बरी किया
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पांच साल पुराने एक मामले में, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत एक स्पेशल कोर्ट ने करीब 130 किलोग्राम गांजा ले जाने के आरोप में गिरफ्तार पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने केमिकल एनालाइजर की रिपोर्ट मानने से इनकार कर दिया और कहा कि जब्त किया गया पदार्थ 'गांजा' की परिभाषा में नहीं आता, इसलिए आरोपियों को छोड़ दिया गया। एंटी नारकोटिक सेल की टिप-ऑफ से कुर्ला मॉल के पास पकड़ा गया। कल्याण : कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को बरी किया; मां कोर्ट में हो गई बेहोश
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मुंबई से सटे कल्याण में कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में जब आरोपी को बरी किया तो उसकी मां कोर्ट में बेहोश हो गई। युवक पर 6 साल की बच्ची से बलात्कार करने का आरोप लगा था। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में उसे बरी किया, तो मां कोर्ट में बेहोश हो गई। इसके बाद यह पूरी घटना सुर्खियों में आ गई। घटना के वक्त आरोपी युवक के परिजनों ने कहा था कि वह निर्दोष है लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हु पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था। इसके बाद उसे अलग-अलग परिस्थितियों के चलते छह साल जेल में काटने पड़े। कोर्ट ने जब फैसला सुनाय तो मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 
