मुंबई : नए साल की पार्टी के लिए दिल्ली-मुंबई और गोवा में चरस सप्लाई करने वाला गिरफ्तार, ट्रेन से सफर करता था आरोपी
Mumbai: Man arrested for supplying hashish to Delhi, Mumbai and Goa for New Year's Eve parties; accused used to travel by train
क्राइम ब्रांच की टीम ने चरस की सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 2.760 किलो चरस बरामद की गई है। आरोपित की पहचान मुंबई, ठाणे के जमाल अख्तर के रूप में हुई है। इसने दिल्ली, मुंबई और गोवा में, खासकर नव वर्ष की पार्टियों में सप्लाई करने के लिए हिमाचल प्रदेश से चरस मंगवाई थी।
साड़ी का व्यापार करने के बावजूद, आरोपित अधिक मुनाफा कमाने के लालच में ड्रग तस्करी करने लगा। बरामद की गई चरस मुंबई के एक ड्रग सप्लायर को दी जानी थी।
मुंबई : क्राइम ब्रांच की टीम ने चरस की सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 2.760 किलो चरस बरामद की गई है। आरोपित की पहचान मुंबई, ठाणे के जमाल अख्तर के रूप में हुई है। इसने दिल्ली, मुंबई और गोवा में, खासकर नव वर्ष की पार्टियों में सप्लाई करने के लिए हिमाचल प्रदेश से चरस मंगवाई थी।
साड़ी का व्यापार करने के बावजूद, आरोपित अधिक मुनाफा कमाने के लालच में ड्रग तस्करी करने लगा। बरामद की गई चरस मुंबई के एक ड्रग सप्लायर को दी जानी थी। पुलिस इससे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।
उपायुक्त विक्रम सिंह के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर एसीपी सुनील श्रीवास्तव की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई थी, जिसने संदिग्ध की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और तकनीकी व लोकल इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। पुलिस के अनुसार, आरोपित को अक्षरधाम के पास से उस समय दबोचा गया, जब वह चरस की खेप के साथ मौजूद था।
तलाशी के दौरान उसके पास से 2.760 किलो चरस बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि आरोपित हिमाचल प्रदेश से चरस लाकर दिल्ली, मुंबई और गोवा में सप्लाई करता था। खासकर नए साल के मौके पर नशे की डिमांड बढ़ने का फायदा उठाकर वह बड़े पैमाने पर तस्करी करता था। आरोपित ने बताया कि वह साड़ी के कारोबार से जुड़ा था, लेकिन जल्दी और अधिक पैसा कमाने के लालच में ड्रग तस्करी के धंधे में उतर गया।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपित पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। वह दिल्ली पहुंचने के बाद कुछ दिन रुकता, फिर हिमाचल प्रदेश जाता और वापसी में चंडीगढ़ में ठहरता था। निजी बसों के बजाय ट्रेन से सफर करता और पहचान छिपाने के लिए अलग नाम का इस्तेमाल करता था। इन सभी संभावित रूट और गतिविधियों का विश्लेषण कर क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।


