‘CM एकनाथ शिंदे को आया था आत्महत्या का ख्याल’, मंत्री दीपक केसरकर के खुलासे से बवाल, संजय राउत ने उठाए सवाल
Sanjay Raut on Minister Revealation That Eknath Shinde Would Shot Himself....

शिंदे सरकार में मंत्री दीपक केसरकर के इस खुलासे से महाराष्ट्र में खलबली मच गई है कि अगर बगावत सफल नहीं होती तो एकनाथ शिंदे खुद को गोली मार लेते. राउत का सवाल है कि ऐसी मानसिक हालत वाला शख्स सीएम कैसे हो सकता है?
एक साल पहले 20 जून को एकनाथ शिंदे ने जो शिवसेना में बगावत की, अगर वो असफल हो जाती तो सीएम शिंदे उस वक्त खुद को गोली मार लेते. शिंदे सरकार में शिक्षा मंत्री मंत्री दीपक केसरकर के इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है. आज (21 जून, बुधवार) ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने इस खुलासे के बाद अपने मीडिया संवाद में यह सवाल उठा दिया है कि ऐसी मानसिक स्थिति वाले शख्स महाराष्ट्र के सीएम बन कर कैसे बैठ सकते हैं? यह राज्य के लिए खतरनाक है....Sanjay Raut on Minister Revealation That Eknath Shinde Would Shot Himself...
संजय राउत ने कहा कि ऐसी मानसिक स्थिति वाले शख्स के हाथ महाराष्ट्र राज्य का कार्यभार देने कहीं से भी उचित नहीं है. साइकलोजिस्ट को उनके पास भेजें और दीपक केसरकर को पुलिस हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करे. महाराष्ट्र के सीएम के मन में आत्महत्या का खयाल था. उन्होंने इतनी बड़ी बात दबा कर कैसे रखी? बता दें कि दीपक केसरकर ने एकनाथ शिंदे की बगावत के एक साल पूरे होने पर मंगलवार को मुंबई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बड़ा खुलासा किया.......Sanjay Raut on Minister Revealation That Eknath Shinde Would Shot Himself...
दीपक केसरकर ने बताया कि एकनाथ शिंदे ने उनसे खुद कहा था कि, “मुझे जब ऐसा लगने लगता कि मेरी यह बगावत सफल होगी या नहीं, तो मैं एक ही काम करता. मैं अपने साथ आए सभी विधायकों को वापस लौटा देता. तब मैं उद्धव ठाकरे को एक फोन करता. उनसे कहता कि मुझसे गलती हो गई. लेकिन इन लोगों की कोई गलती नहीं है. इसके बाद मैं खुद को गोली मार लेता.......Sanjay Raut on Minister Revealation That Eknath Shinde Would Shot Himself...
‘ऐसे शख्स के पीछे लोग खड़े नहीं होंगे तो किसके पीछे होंगे?’
इसके बाद दीपक केसरकर बताते हैं कि इससे यह पता चलता है कि शिंदे किस दर्जे के नेता हैं. उनमें कितनी इंसानियत है. एक भी विधायक का राजनीतिक नुकसान न हो, चाहे उनकी जान जाए. ऐसे शख्स के पीछे विधायक खड़े नहीं होंगे तो किसके पीछे होंगे?
दीपक केसरकर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 20 जून को ठाकरे गुट की ओर से ‘गद्दार दिवस’ के तौर पर मनाए जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, आप किसे गद्दार कहते हैं? एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र की अस्मिता के लिए बगावत की. जब-जब उद्धव ठाकरे हमें कोई वचन देकर तोड़ते थे, तब हम एकनाथ शिंदे के पास जाते थे. वे सबसे अहम सदस्य थे लेकिन उन्हें भी शिवसेना के स्थापना दिवस (19 जून) के दिन बुरी तरह अपमानित किया गया. इसके बावजूद उन्होंने बातचीत का रास्ता और वापस लौटने के रास्ता खुला रखा था. लेकिन अफसोस ऐसा न हो सका.......Sanjay Raut on Minister Revealation That Eknath Shinde Would Shot Himself...