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लेखिका तसलीमा नसरीन का दावा...'मेरी भी हत्या हो सकती है, पाकिस्तानी धर्मगुरु खादिम रिजवी मुझे मारना चाहता था'
Writer Taslima Nasreen claims... 'I could be killed too, Pakistani religious leader Khadim Rizvi wanted to kill me'
लेखिका तसलीमा नसरीन ने बुधवार को दावा किया कि एक पाकिस्तानी धार्मिक नेता अल्लामा खादिम हुसैन रिजवी उन्हें मारना चाहता था। तसलीमा ने कहा कि रिजवी ने पाकिस्तानी चरमपंथियों को उन्हें मारने के लिए प्रेरित किया।
लेखिका तसलीमा नसरीन ने बुधवार को दावा किया कि एक पाकिस्तानी धार्मिक नेता अल्लामा खादिम हुसैन रिजवी उन्हें मारना चाहता था। तसलीमा ने कहा कि रिजवी ने पाकिस्तानी चरमपंथियों को उन्हें मारने के लिए प्रेरित किया। बांग्लादेश में पैदा हुईं लेखिका तसलीमा नसरीन के खिलाफ कथित इस्लाम विरोधी टिप्पणियों के लिए अतीत में कई फतवे (मौत की सजा) जारी हो चुके हैं।
तसलीमा नसरीन ने ट्विटर पर धर्मगुरु का एक वीडियो भी शेयर किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा, "यह धर्मगुरु मुझे मारना चाहता था और उसने इस्लाम के नाम पर लाखों पाकिस्तानी चरमपंथियों को मुझे मारने के लिए प्रेरित किया। यह दावा कर रहा है कि इसने मेरी किताब पढ़ी है, लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकती हूं कि इसने ऐसा नहीं किया। यह झूठ बोल रहा था।"
शुक्रवार को लेखक सलमान रुश्दी पर चाकू से हमले के बाद तसलीमा ने कहा था कि उनकी भी हत्या हो सकती है। गौरतलब है कि मुंबई में जन्मे विवादास्पद लेखक रुश्दी को ‘‘द सैटेनिक वर्सेज’’ की रचना करने के बाद कई वर्षों तक इस्लामी चरमपंथियों से जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा।
उन्हें शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क में 24 वर्षीय एक युवक ने एक कार्यक्रम में चाकू मार दिया। रुश्दी ने जिस खतरे का सामना किया, उसी तरह निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन को भी धमकियों का सामना करना पड़ा।
अपनी किताब ‘‘लज्जा’’ पर प्रतिबंध और बाद में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए फतवे का सामना करने के बाद 59 वर्षीय नसरीन पिछले 27 वर्षों से निर्वासन में रह रही हैं। उन्होंने रुश्दी पर हमले की निंदा करते हुए कई ट्वीट किए। उन्होंने दुनिया भर में इस्लाम की आलोचना करने वाले किसी भी व्यक्ति के जीवन के लिए खतरे की आशंका जताई।
नसरीन ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे पता चला है कि न्यूयॉर्क में सलमान रुश्दी पर हमला किया गया। मैं स्तब्ध हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। वह पश्चिमी देश में रह रहे हैं, और उन्हें 1989 से सुरक्षा मिली हुई है। अगर उन पर हमला हो सकता है तो इस्लाम की आलोचना करने वाले किसी पर भी हमला हो सकता है।
मैं बेहद चिंतित हूं।’’ उन्होंने कहा, 'सलमान रुश्दी पर अमेरिका में हाई लेवल सिक्योरिटी के बावजूद हमला हो गया। पश्चिमी देशों की सिक्योरिटी दुनिया में सबसे बेहतरीन है। अगर रुश्दी पर हमला हो सकता है, तो मुझे डर है कि मुझ पर भी हो सकता है।'
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