defamation case
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में आया नया मोड़... भिवंडी कोर्ट ने अगली तारीख 17 जनवरी तय की
Published On
By Online Desk
राहुल गांधी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता नारायण अय्यर ने बताया कि यह मामला संयुक्त दीवानी न्यायाधीश (जूनियर डिविजन) पीएम कोलसे की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। उन्होंने कहा कि जमानतदार से संबंधित कुछ प्रक्रियागत औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण अदालत ने अगली तारीख तय की है। अधिवक्ता अय्यर के अनुसार, अदालत ने राहुल गांधी को नया जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है, क्योंकि इस मामले में उनके मौजूदा जमानतदार शिवराज पाटिल चाकूरकर का 12 दिसंबर को निधन हो गया था। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल चाकूरकर का 90 वर्ष की उम्र में अपने गृह नगर लातूर में निधन हुआ था। संजय राउत मानहानि केस में दोषी करार... 15 दिन जेल की सजा, 25 हजार जुर्माना...
Published On
By Online Desk
संजय राउत ने मेधा सोमैया पर मुलुंड में शौचालय घोटाले में शामिल होने का एक आरोप लगाया था। इस पर किरीट सोमैया ने राउत को इस आरोप का सबूत करने की चुनौती दी थी। लकिन संजय राउत द्वारा कोई सबूत नहीं दिए जाने पर मेधा सोमैया ने संजय राउत के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर कर डाला था। भाजपा विधायक नीतेश राणे के खिलाफ मानहानि मामले में 15000 रुपये का जमानती वारंट जारी...
Published On
By Online Desk
राउत के वकील ने तब एक आवेदन दाखिल कर विधायक के खिलाफ वारंट जारी करने का अनुरोध किया। अदालत ने यह आवेदन स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 दिसंबर तय की। राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में सुनवाई एक अप्रैल तक स्थगित...
Published On
By Online Desk
भिवंडी की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले और पेशी से स्थायी छूट संबंधी उनके अनुरोध पर सुनवाई एक अप्रैल के लिए टाल दी है। गांधी के अधिवक्ता नारायण अय्यर ने कहा कि स्थायी छूट के लिए अर्जी प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एल सी वाडिकर के समक्ष पेश की गई है। 
