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Read More... महाराष्ट्र: नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में कोर्ट का फैसला... युवक को चार साल की सजा और 50 हजार जुर्माना !
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By Online Desk
पीड़िता ने पूरी घटना अपने माता-पिता को बताई और आरोपी को दिखाया। इसके बाद पीड़िता के माता-पिता ने जत पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उक्त शिकायत के अनुसार, जांच अधिकारी पुलिस उप निरीक्षक महेश गायकवाड ने मामले की गहन जांच की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में पूरी घटना बताई। उसकी गवाही पूरी तरह से जांच में महत्वपूर्ण रही। हालांकि, मामले के अन्य गवाहों ने दबाव में आकर घटना से मुकर गए, लेकिन अकेले पीड़िता ने बेहद विश्वसनीय सबूत अदालत में पेश किए, जिसके कारण कोर्ट ने आरोपी को उपरोक्त कड़ी सजा सुनाई। मुंबई ट्रिपल ब्लास्ट केस में एक बड़ा फैसला; 65 वर्षीय कफील अहमद अयूब को जमानत
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2011 के चर्चित मुंबई ट्रिपल ब्लास्ट केस में एक बड़ा फैसला आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 65 वर्षीय कफील अहमद अयूब को जमानत दे दी है। अयूब करीब 14 साल से जेल में बंद था और उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और महाराष्ट्र के मकोका कानून के तहत मुकदमा चल रहा है। जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस आर.आर. भोंसले की बेंच ने यह कहते हुए जमानत दी कि अयूब को ट्रायल से पहले ही एक दशक से ज्यादा वक्त जेल में रखा गया है, जबकि मुकदमे के जल्द पूरा होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। मालेगांव : 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत 31 जुलाई को सुना सकती है फैसला
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2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए विस्फोट मामले में विशेष अदालत 31 जुलाई को अपना फैसला सुना सकती है। इस मामले की सुनवाई कई सालों से चल रही है और अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस धमाके में कई लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इसमें कई आरोपी हैं, जिनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और अन्य शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में SC इसी महीने सुनाएगा फैसला...
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तारीखों पर निगाह डालें तो 16 और 17 दिसंबर को शनिवार और रविवार है जबकि 18 दिसंबर से लेकर एक जनवरी तक सुप्रीम कोर्ट में क्रिसमस और शीतकालीन अवकाश रहेगा, ऐसे में 15 दिसंबर सुप्रीम कोर्ट का इस महीने का आखिरी कार्य दिवस होगा, इसलिए फैसला तब तक आ जाने की उम्मीद है। 
