expenditure
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई : बीएमसी चुनाव का खर्च ₹175 करोड़ से ज़्यादा होने की उम्मीद, 2017 के मुकाबले 30% ज़्यादा
Published On
By Online Desk
जनवरी में होने वाले चुनावों में बीएमसी के 2017 के निकाय चुनाव में हुए ₹130 करोड़ के खर्च से 30% से ज़्यादा खर्च करने की उम्मीद है। बीएमसी के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, "ऐसा पोलिंग बूथ और कर्मचारियों की बढ़ी हुई संख्या की वजह से है।" 2017 के चुनावों में 7,500 कर्मचारी थे, जबकि इस चुनाव में 64,375 से ज़्यादा कर्मचारी हैं। मुंबई: उम्मीदवारों के खर्च की सीमा को राज्य चुनाव आयोग ने कर दिया रिवाइज
Published On
By Online Desk
राज्य चुनाव आयोग ने आने वाले लोकल बॉडी चुनावों के लिए उम्मीदवारों के खर्च की सीमा को रिवाइज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव खर्च की सीमा आठ साल के गैप के बाद रिवाइज की गई है। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि राज्य के तीन A-कैटेगरी के नगर निगमों - मुंबई, पुणे और नागपुर - में उम्मीदवारों का खर्च प्रति उम्मीदवार 15 लाख रुपये बढ़ा दिया गया है और B-कैटेगरी के नगर निगमों - पिंपरी चिंचवड़, नासिक और ठाणे - में हर उम्मीदवार के लिए 13 लाख रुपये बढ़ा दिया गया है। मुंबई : मनपा ने मीठी नदी की सफाई के लिए निकाला 1800 करोड़ का टेंडर... खर्च में की गई 600 करोड़ की कटौती
Published On
By Online Desk
मनपा ने इसके पहले मार्च 2025 में टेंडर निकाला था। जिसमे नदी किनारे प्रोमेनेड बनाने का प्रस्ताव था। उस हिस्से की लागत करीब 400 करोड़ रुपए थी जिसे इस बार हटा दिया गया है। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा कि पूरी 18 किमी नदी किनारे प्रोमेनेड बनाने की योजना थी, लेकिन इस खंड (8.2 किमी) से इसे हटाने का फैसला लिया गया है। मनपा सूत्रों के अनुसार इस योजना पर अंतिम निर्णय अब निर्वाचित प्रतिनिधि मंडल ही लेगा। मुंबई में मीठी नदी के विकास पर १६५० करोड़ से अधिक के खर्च की SIT जांच के आदेश
Published On
By Online Desk
मीठी नदी से कीचड़ निकालने और अन्य कार्यों पर १६५० करोड़ से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इस काम की SIT जांच के आदेश दिए गए हैं। वे मीठी नदी के काम के लिए एमएमआरडीए और मनपा से लगातार फॉलो अप कर रहे थे। एमएमआरडीए प्रशासन ने गलगली को सूचित किया था कि मीठी नदी विकास कार्य के तहत एमएमआरडीए द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए केंद्र से मांगी गई राशि ४१७.५१ करोड़ रुपए थी, जबकि मनपा द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए मांगी गई राशि १२३९.६० करोड़ रुपए थी। 
