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Read More... मुंबई में डेंगू-स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े; बारिश के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा!
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By Online Desk
देश भर में मानसून ने अपना आगमन शुरू कर दिया है, लेकिन मुंबई में इसका असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. मुंबई में लगातार धाराधार बारिश की खबरें सामने आती जा रही हैं. यह परेशानी अभी खत्म हुई नहीं थी कि अब नई परेशानी ने अपना आगमन दे दिया है. वह है डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा, जो फिर से बढ़ गया है. मुंबई : मच्छर जनित बीमारियों का खतरा; डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज
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By Online Desk
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। मानसून अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के शुरुआती आंकड़े ही चिंता पैदा करने के लिए काफी हैं। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की ओर से कई अभियान चलाने और सख्त निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े और मौजूदा हालात इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते नजर आते हैं। मुंबई : महाराष्ट्र में पानी से होने वाली बीमारियां बढ़ीं; 2025 तक डायरिया के मामले 3.6 लाख के पार
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By Online Desk
पानी से होने वाली बीमारियों के बढ़ते मामलों ने हेल्थ अधिकारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। ऑफिशियल डेटा बताते हैं कि हर साल हज़ारों लोग गंदे पानी और खराब सफ़ाई से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित होते हैं। महाराष्ट्र हेल्थ सर्विसेज़ कमिश्नरेट के जारी डेटा से पता चलता है कि पूरे राज्य में डायरिया, हैजा, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, टाइफाइड, इंफेक्शियस जॉन्डिस और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। मुंबई, ठाणे और आस-पास के शहरों में मच्छरों से होने वाली और मौसमी बीमारियों के बढ़ने की चेतावनी
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By Online Desk
जनवरी में बेमौसम मानसून जैसी बारिश ने मुंबई, ठाणे और आस-पास के शहरों में लोगों की सेहत के लिए चिंता बढ़ा दी है। हेल्थ अधिकारियों ने मच्छरों से होने वाली और मौसमी बीमारियों के बढ़ने की चेतावनी दी है। हालांकि बड़े पैमाने पर पानी भरने की कोई खबर नहीं है, लेकिन छतों, कंस्ट्रक्शन साइट, खुले प्लॉट, फूलों के गमलों और खुले कंटेनरों में जमा पानी मच्छरों के पनपने की जगह बन गया है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम का यह अजीब पैटर्न, जिसमें नमी बढ़ रही है और तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है, ने कई लोगों को इसके लिए तैयार नहीं किया है। 
