बकरा ईद की कुर्बानी को लेकर मचा घमासान मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से समाज में असंतोष

बकरा ईद की कुर्बानी को लेकर मचा घमासान मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से समाज में असंतोष

Rokthok Lekhani

Read More नागपुर : महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने नागपुर ब्लास्ट पीड़ितों के परिजनों को 5 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया

सिंबॉलिक (Symbolic) कुर्बानी का मतलब पूछता है मुस्लिम समाज

Read More मुंबई: राज्यसभा में कांग्रेस की रणनीति पर सवाल, ठाकरे से पीछे हटने की अपील पर चर्चा

मुंबई, आगामी 21 जुलाई को मुस्लिम समाज का महत्वपूर्ण त्यौहार बकरा ईद मनाया जाने वाला है। सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना के चलते घरों में ही नमाज पढ़ने और त्यौहार मनाने की सलाह और सूचना दी गई है। सिंबॉलिक शब्द का इस्तेमाल किया गया । सिंबॉलिक शब्द से मुस्लिमो में हैरानी है आखिर सरकार क्या कहना छाती है । इस संबंध में मुस्लिम समाज के नेता व आम जनमानस में घमासान मचा हुआ है l।

Read More मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 3 दिनों के लिए टोल फ्री, जानें किसे मिलेगा फायदा?

मुस्लिम कोटे से मंत्री बनाए गए श्री नवाब मलिक से पत्रकारों ने बकरा ईद के संबंध में कुर्बानी को लेकर सवाल किया जिस पर उन्होंने फिल्मी डायलॉग चिपका दिया, उन्होंने कहा अल्लाह को प्यारी है कुर्बानी… इसी तरह से हसन मुश्रीफ जो काफी वरिष्ठ नेता है उनसे भी कुर्बानी को लेकर सवाल किए तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और भागते नज़र आए ।

Read More मुंबई : रायगढ़ किले में प्री-वेडिंग शूट पर कार्रवाई के निर्देश 

आपको बता दें कि मुस्लिम समाज के अग्रणी नेता आबू असिम आज़मी ने बाकायदा बैनर बाजी करके कुर्बानी हमारा मूलभूत अधिकार है इसे ना छीना ना जाए… इस तरह के नारे लगाकर, सरकार से कुर्बानी की परमिशन मांगी परंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, इससे समाज के लोगों में असंतोष फैलता दिखाई दे रहा है।

इसी तरह बांद्रा के विधायक जीशान सिद्दीकी ने भी सरकार से कुर्बानी की परमिशन दिए जाने की मांग की और कहा कि मुस्लिम समाज के इस महत्वपूर्ण त्योहार को पहले की तरह मनाने दिया जाए परंतु सरकार की गाइडलाइन से लोगों में भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है।


Related Posts