मुंबई, पुणे, नागपुर समेत महाराष्ट्र में घर खरीदारों को बड़ी राहत, सरकार ने नहीं बढ़ाई रेडी रेकनर दर
Major relief for Ghar Mahendra in Maharashtra including Mumbai, Pune, Nagpur, as the government did not increase the ready reckoner rate.
महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए रेडी रेकनर रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। इससे घर खरीदारों को अतिरिक्त पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। पिछले साल सरकार ने एमएमआर परिसर के लिए रेडी रेकनर की दरों में 3.39% की वृद्धि की थी। लेकिन इस बार दरें स्थिर रखने से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। क्रेडाई-एमसीएचआई के पूर्व अध्यक्ष डोमिनिक रोमेल ने इसका स्वागत किया है।
मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए रेडी रेकनर रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। इससे घर खरीदारों को अतिरिक्त पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। पिछले साल सरकार ने एमएमआर परिसर के लिए रेडी रेकनर की दरों में 3.39% की वृद्धि की थी। लेकिन इस बार दरें स्थिर रखने से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। क्रेडाई-एमसीएचआई के पूर्व अध्यक्ष डोमिनिक रोमेल ने इसका स्वागत किया है।
डोमिनिक के मुताबिक, इजराइल-अमेरिका, ईरान युद्ध का खामियाजा रियल इस्टेट सेक्टर को भुगतना पड़ रहा है। नरेडको चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी के अनुसार रेडी रेकनर दरों को स्थिर रखना एक दूरदर्शी और समयानुकूल निर्णय है। रियल एस्टेट क्षेत्र लागत बढ़ोतरी के प्रति संवेदनशील है। ऐसे में यह फैसला घर खरीदारों और डिवेलपर्स दोनों के लिए राहत लेकर आया है।
पिछलें सालों में कितनी बढ़ीं रेडी रेकनर दर
पिछले एक दशक में, रेडी रेकनर दरों- जो स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन के लिए प्रॉपर्टी की कीमतें तय करती हैं, में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। 2017–18 में, दरों में औसतन 5.86% की बढ़ोतरी हुई, जबकि 2020–21 में, कोविड-19 महामारी के कारण यह बढ़ोतरी 1.74% तक ही सीमित रही। 2022–23 में 4.81% की बढ़ोतरी लागू की गई और यह दो साल तक जारी रही। 2025–26 में, सभी क्षेत्रों में दरें बढ़ाई गईं, जिसमें ग्रामीण इलाकों में 3.36%, नगर निगम क्षेत्रों में 4.97% और नगर निगम क्षेत्रों में 5.95% की बढ़ोतरी शामिल है। मुंबई में 3.39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कमाई भी बढ़ी
घरों की बिक्री बढ़ने से सरकार की आमदनी में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। 2025-26 में रेडीरेकनर रेट में बढ़ोतरी के बाद भी सरकार की कमाई 2 हजार करोड़ रुपये बढ़ गई है। पिछले साल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से सरकार को 60, 568 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। 30 मार्च, 2026 तक, सरकार ने 60,568.94 करोड़ रुपये जमा किए, जो उसके 63,500 करोड़ रुपये के सालाना लक्ष्य के करीब है। इसका एक बड़ा हिस्सा- 49,534.24 करोड़ रुपये डिजिटल आई-सरिता प्लेटफॉर्म के ज़रिए आया, जो ऑनलाइन लेन-देन की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है।
क्या है रेडी रेकनर दर?
रेडी रेकनर रेट किसी निश्चित क्षेत्र में आवासीय प्रॉपर्टी, जमीन और कमर्शल प्रॉपर्टी की कीमतों को मापने का सरकारी मानक है। मार्केट के ट्रेंड को देखते हुए राज्य सरकार हर साल इस रेट में बदलाव करती या स्थिर रखती है। रेडी रेकनर दर सीधे आम लोगों को प्रभावित करती है। इसको आधार बनाकर सरकार स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज लेती है। रेडी रेकनर रेट का उपयोग


